प्यार जताने का लहजा है कमीने : गुलजार

प्यार जताने का लहजा है कमीने : गुलजार

मुंबई। हाल ही में प्रदर्शित फिल्म कमीने इन दिनों सुर्खियों में है। कुछ लोग जहां इसके नाम लेकर हाय-तौबा मचा रहे हैं, वहीं मशहूर गीतकार गुलजार कहते हैं कि कमीने अपशब्द नहीं है बल्कि प्यार जताने का लहजा है।

निर्देशक विशाल भारद्वाज की फिल्म कमीने के लोकप्रिय गीतों को कलमबद्ध करने वाले गुलजार का कहना है, आप कमीने शब्द के नकारात्मक अर्थो की ओर मत जाएं। आप जब तक कमीने के साथ कुत्ते नहीं जोड़ेंगे तब तक यह गाली नहीं मानी जाएगी। दरअसल कमीने प्यार जताने का लहजा है।

गुलजार ने कहा कि वह कमीने शब्द को खराब नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि उनके खास दोस्त और अभिनेता ओमपुरी भी ऐसा ही मानते हैं। गुलजार ने कहा, एक बार ओम मेरे घर आए और कहा कि अभी तक आपने मुझे एक बार भी कमीना नहीं कहा।

गुलजार ने कमीने शब्द की व्याख्या करते हुए कहा, अक्सर मां भी अपने बेटे से कहती है- कमीना कहीं का। ऐसे में इसे गाली नहीं कहा जाएगा बल्कि प्यार जताने का लहजा माना जाएगा।

फिल्म के बारे में गुलजार ने कहा कि विशाल के साथ काम करने से उन्हें दिवंगत महान संगीतकार आर.डी.बर्मन की याद आ जती है। उन्होंने कहा, मैं विशाल में उन्हीं के जैसी चिंगारी का अहसास करता हूं। उनमें भी संगीत में कुछ नया करने की भूख है।

लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(1) वोट का औसत

average:4
Saving...
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित