कम हो गये है कद्रदान : पिनाज मसानी

कम हो गये है कद्रदान : पिनाज मसानी

नई दिल्ली। शहजादी..ए..तरन्नुम के नाम से मशहूर गजल गायिका पिनाज मसानी का मानना है कि गजल के कद्रदानों में खासी कमी आ गई है, हालांकि वह जल्द ही गजल के दो नए एलबम लेकर आने वाली हैं।

राजधानी में एक कार्यक्रम में शिरकत करने आई पिनाज मसानी ने बताया कि गजल के कद्रदानों में पहले के मुकाबले बेहद कमी आ गई है, लेकिन आज भी गजल को पसंद करने वाला अच्छा खासा तबका मौजूद है।

उन्होंने कहा कि वक्त के साथ लोगों की रुचि में कई तरह के अंतर आए हैं और लोगों की संगीत की पसंद भी बदली है। एक दौर में गजल को चाहने वाले काफी बड़ी तादाद में थे और अब आपाधापी के इस दौर में लोग गजल की बजाय पश्चिमी संगीत सुनना अधिक पसंद करते हैं।

संगीत के आगरा घराने की गायिका पिनाज का कहना है कि वक्त के साथ चीजें बदलती रहती है और हमें इस बदलाव को कबूल करना चाहिए। क्योंकि आज के दौर में भी गजल को चाहने वाले हैं और ए लोग हमेशा गजल को सुनते रहेंगे।

पिनाज ने भारत और पाकिस्तान के बीच संगीत के रिश्तों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि जब भी दोनों देशों के गायक या संगीतकार साथ में प्रस्तुति देते हैं तो ऐसा लगता है कि दो दिलों का मिलन हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में सुर एक से ही है, जिनको किसी भी सीमा में नहीं बांधा जा सकता है और संगीत के जरिए ही पूरे विश्व को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि वह जल्द ही अपने दो नए एलबम यादें और पिनाज : ए लाइव स्टोरी लेकर आ रही है। इसमें उनकी गायी पुरानी और नई गजले लोगों को सुनने को मिलेंगी।

यहां पाकिस्तानी गायिका टीना सानी की कार्यक्रम प्रस्तुति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह उनके साथ एक रेडियो चैनल के लिए भी कार्यक्रम कर चुकी हैं। लेकिन गालिब के शहर में पड़ोसी मुल्क की मशहूर गजल गायिका के साथ प्रोग्राम पेश करना यादगार अनुभव रहा।

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