प्रतिभाओं की कमी नहीं है: आमिर

प्रतिभाओं की कमी नहीं है: आमिर

नई दिल्ली। बॉलीवुड में कलाकारों की भीड़ में एक खास स्थान रखने वाले मशहूर अभिनेता आमिर खान का कहना है कि दुनिया में प्रतिभाओं की कमी नहंी है और बहुत से ऐसे लोग हैं जिनसे प्रेरणा ली जा सकती है।

आमिर ने पिछले दिनों अपनी पत्नी किरण के साथ हास्य बोध से भरी एक अनोखी फिल्म विदनेल एंड आई देखी तथा एक ब्रिटिश लेखक की किताब अ कांफिडरेसी आफ डंचेज भी पढ़ी। वह कहते हैं कि उन्हें नहीं पता कि बाकी लोगों को यह फिल्म और ब्रिटिश लेखक जोन कैनेडी टुले की किताब अ कांफिडरेसी आफ डंचेज कितनी पसंद आएगी, लेकिन वह सलाह देते हैं कि यह किताब दो बार पढ़ें और कुछ-कुछ साल बाद इसे फिर से पढ़ें। वह कहते हैं कि फिल्म देखकर उन्हें इस किताब की याद आई। आमिर ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि यह किताब टुले की मौत के बाद प्रकाशित हुई थी। 1969 में मात्र 31 साल की आयु में टुले के आत्महत्या करने के बाद उसकी मां को उसके कमरे से इस पटकथा की कार्बन कॉपी मिली और वह इसे प्रकाशित करवाने के लिए प्रकाशकों के धक्के खाती रहीं।

आखिर में वह इस पटकथा को एक लेखक वाकर पर्सी के पास ले गई और पढ़कर इसका मूल्यांकन करने को कहा। पर्सी ने काफी उदासीनता के साथ प्रति को पढ़ना शुरू किया लेकिन वे उसमें पूरी तरह डूब गए। इसके बाद 1980 में टुले की मौत के 11 साल बाद यह किताब प्रकाशित हुई और इसने सफलता का नया इतिहास रच दिया। आमिर कहते हैं कि दुनिया में ऐसे प्रतिभाशाली लोग भरे पड़े हैं जिनसे बहुत प्रेरणा मिलती है।

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