
टोरंटो। इस बार के टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में बॉलीवुड मसाला मूवी दिल बोले हडि़प्पा से लेकर अलग तरह की रोड मूवी तक सभी का प्रीमियर हाऊसफुल रहा। महोत्सव का समापन आज शनिवार को हो गया। यशराज फिल्म की दिल बोले हडि़प्पा और आशुतोष गोवारिकर की रोमांटिक कॉमेडी व्हाट्स योर राशि के वर्ल्ड प्रीमियर में हिंदी फिल्मों के उत्साहित प्रशंसक मौजूद थे।
पिछले साल महोत्सव में डैनी बॉयल की स्लमडॉग मिलियनेयर ने लोगों का ध्यान खींचा था और भारत केंद्रित विषयों पर दुनिया की वाहवाही बटोरी थी। इस बार के महोत्सव में भले ही दूसरी स्लमडॉग. की खोज खत्म नहीं हुई हो लेकिन विचार स्रोतों एवं प्रतिभा के तौर पर भारत की वैश्विक पहचान में इजाफा हो रहा है। इस बार खासतौर से रोड मूवी आकर्षण का केंद्र रही। न्यूयॉर्क की स्क्रीन इंटरनेशनल के फिल्म आलोचक डेविड डार्सी ने कहा, मुझे फिल्म बहुत प्यारी लगी। डार्सी फिल्म में अभय देओल और तनिष्ठा चटर्जी के अभिनय से खुश थे। एक शीर्ष अमेरिकी आलोचक ने संवाददाता सम्मेलन में प्रियंका चोपड़ा की तारीफ में कहा कि वह हॉलीवुड सितारों के असर को ढंक सकती हैं। भारत की क्षेत्रीय फिल्मों को देखने के लिए भी बहुसंस्कृति वाले टोरंटो में मिले जुले दर्शक थे।
टोरंटो के निर्देशक-निर्माता-वितकर जय बजाज ने कहा, मैं लक्ष्मीकांत शेतगांवकर की कोंकणी फिल्म के लिए मिली प्रतिक्रिया को देखकर मैं खुश हूं। बंगाली फिल्मकार बुद्धदेव दासगुप्ता ने कहा, शहर में विश्वस्त दर्शकों का अच्छा आधार है जो पूरे दिल से अच्छे सिनेमा का समर्थन करते हैं। टोरंटो फिल्म महोत्सव में लंबे समय से क्षेत्रीय और वैश्विक थीम वाले भारतीय सिनेमा का प्रदर्शन होता रहा है। इसमें अडूर गोपालकृष्णन, बुद्धदेव दासगुप्ता, मणिरत्नम, मीरा नायर और दीपा मेहता जैसे फिल्मकारों की कृतियों का प्रदर्शन हुआ है।
कुछ साल पहले ही इसमें मुख्यधारा के बॉलीवुड फिल्मों को भी शामिल किया गया है। जिसकी शुरूआत 2006 में करण जौहर की कभी अलविदा ना कहना के साथ हुई थी।