
चेन्नई। तमिल सुपरस्टार कमल हसन ने आज सादगीपूर्ण ढंग से अपने परिवार के साथ मिलकर जीवन के 55 साल पूरे होने का जश्न मनाया। अभी हाल ही में हसन ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 50 साल पूरे होने का भी गौरव हासिल किया है।
उल्लेखनीय है कि हसन को 1959 में कलाथुर कनम्मा फिल्म के लिए सर्वक्षेष्ठ बाल कलाकार का राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है। हसन के बेहद करीबी सूत्रों ने बताया कि हसन ने अपने परिवार के साथ शहर से कहीं दूर जाकर अपना जन्मदिन मनाया।
गौरतलब है कि हसन ने पिछले साल अपने जन्मदिन के मौके पर श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा का हवाला देते हुए अपने प्रशंसकों से जन्मदिन न मनाने की अपील की थी। तमिल के अलावा हिन्दी, तेलगु और कन्नड़ भाषा में 150 से भी ज्यादा फिल्में करने वाले हसन को यूनिवर्सल हीरो के नाम से भी जाना जाता है।
कई सारी भूमिकाओं का निर्वहन करने वाले हसन ने दशावतारम फिल्म में दस पात्रों का अकेले अभिनय किया है। पांच दशक के फिल्मी अनुभव वाले हसन को पर्फेक्शनिस्ट होने की संज्ञा भी दी जाती है। चार बार के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हसन ने अपने फिल्मी करियर में कभी भी प्रयोग करने में झिझक नहीं दिखाई। लेकिन दूसरी ओर यह भी कहा जाता है कि कमल और विवाद हमेशा साथ साथ चलते हैं।
वर्तमान में हसन एक प्रोडक्शन हाउस के साथ कानूनी पेंच में फंसे हुए हैं। हसन की फिल्म संडीयार के नाम को लेकर कुछ राजनीतिक दलों द्वारा विरोध जताए जाने के बाद उन्होंने अपनी फिल्म का नाम बदलकर वीरूमाण्डी कर रिलीज किया। वहीं उनकी चर्चित फिल्म दशावतारम को भी सिनेमाघरों में आने से पहले वैधानिक दांव पेंच से होकर गुजरना पड़ा था। गौरतलब है कि कुछ धार्मिक संगठनों ने दशावतारम के नाम को लेकर आपत्ति जताई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हसन फिलहाल तमिल फिल्म निर्देशक मिसकिन के साथ मिलकर नई फिलम के निर्माण में लगे हुए हैं। हसन के खाते में दक्षिण भारतीय भाषाओं के अलावा हिंदी में भी कुछ बेहतरीन फिल्में भी दर्ज हैं। उन्होंने सागर, एक दूजे के लिए और सदमा जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिका का निर्वहन किया है।