सीधे सिद्धू का रोचक सफर: चांदनी चौक टू चाइना

सीधे सिद्धू का रोचक सफर: चांदनी चौक टू चाइना

इस फिल्म का नाम पहले मेरा नाम चिन चिन चू और मेड इन चाइना भी सोचा गया था। आखिरकार यह चांदनी चौक टू चाइना नाम से बनी। अच्छा ही रहा, इसमें अपनी पुरानी दिल्ली का चांदनी चौक आ गया और चाइना भी आ गया। अब दोनों देशों के दर्शक के अपनी फिल्म मानेंगे। चाइना में इस फिल्म की शूटिंग चीन की लंबी दीवार, पेइचिंग और शांगहाए में हुई है।

भारतीय दर्शकों को पहली बार किसी फिल्म में प्रामाणिक चांदनी चौक टू चाइना सिद्धू (अक्षय कुमार) नामक सीधे नौजवान की टेढ़ी और चौड़ी कहानी है। सिद्धू चांदनी चौक में सड़क किनारे लगी रेहड़ी के लिए सब्जियां काटता है, लेकिन सब्जबाग देखने से उसे कौन रोक सकता है? वह ज्योतिषी, फकीर और पत्ते पढ़ने वालों से अपनी तकदीर बंचवाया करता है। हालांकि दादा (मिथुन चक्रवर्ती) उसे बेटे की तरह मानते हैं और उसकी भलाई की कोशिशों में लगे रहते हैं, लेकिन सिद्धू के सपनों का क्या करें? संयोग देखिए कि चीन से दो व्यक्ति सिद्धू को खोजते हुए चांदनी चौक पहुंच जाते हैं। वे सिद्धू को अपने एक योद्धा का अवतार बताते हैं। सिद्धू को लगता है कि अब शराब, शबाब और शाही अंदाज से जीने में मजा आएगा। सिद्धू को मालूम ही नहीं कि उसे तो खतरनाक तस्कर होजो के चंगुल से चीनी गांव को निकालना है। रास्ते में सिद्धू की मुलाकात सखी (दीपिका पादुकोण) से होती है, जो अपनी जन्मभूमि की खोज में निकली है। उसे अपने पिता और जुड़वां बहन को श्रद्धांजलि देनी है। शुरू में सिद्धू होजो के आक्रमण से बच जाता है, लेकिन असली मुकाबले में होजो के आगे सिद्धू लाचार दिखने लगता है। फिर उसकी मुलाकात एक कुंगफू एक्सपर्ट से होती है। वह उनसे कुंगफू सीखता है और अपने मिशन में सफल होता है।

विधा- एक्शन-कामेडी

-अजय ब्रह्मात्मज

लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(65) वोट का औसत

average:4.399998
Saving...
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित