
मुख्य कलाकार : अक्षय खन्ना, प्रियंका चोपड़ा, अमीषा पटेल, सुनील शेट्टी, डिनो मोरिया,अनुपम खेर आदि।
निर्देशक : धर्मेश दर्शन
तकनीकी टीम : संगीत - हिमेश रेशमिया, गीत - समीर, पटकथा-संवाद - सुनील मुंशी, निर्माता - गणेश जैन, रतन जैन
धर्मेश दर्शन की आप की खातिर जड़हीन,भावहीन और उद्देश्यहीन फिल्म है। चार-पांच परिचित स्टारों को जमाकर कुछ दृश्यों के संयोजन से फिल्म बना लेने की कोशिश हमेशा सफल नहीं रहती। धर्मेश दर्शन तो यों भी मौलिक फिल्म निर्देशक नहीं रहे हैं। इस फिल्म में उनकी अनगढ़ कोशिश चारों खाने चित्त हो जाती है।
अनु अपनी सौतेली बहन शिरानी की शादी के लिए लंदन जा रही है। तीन साल पहले दिल टूटने पर वह वहां से भारत आ गयी थी। उसकी कोशिश है कि वह अपने पुराने प्रेमी के मन में पहले ईष्र्या और फिर अपने प्रति प्रेम पैदा करे। इस उद्देश्य से वह अमन को अपने ब्वॉयफ्रेंड के तौर पर ले जाती है। अनु और अमन के बीच करार हो जाता है। लंदन पहुंचने पर हम शादी के तैयारी, संबंधों की उलझन, शिरानी के पिता की बेजा हरकतें और लंदन देखते हैं। कमजोर नींव पर शुरू की गयी फिल्म कुछ और किरदारों के साथ जुड़ते ही भहरा कर गिर जाती है। आप की खातिर में कुछ भी उल्लेखनीय नहीं है। आश्चर्य होता है कि अक्षय खन्ना, प्रियंका चोपड़ा, अमीषा पटेल, सुनील शेट्टी और डिनो मोरिया ने कौन सी स्क्रिप्ट पढ़ी या अपने रोल में क्या देखा कि उन्होंने ऐसी फूहड़ फिल्म के लिए हां कर दी। दर्शकों को शायद मालूम हो कि ब्रिटेन में मिल रही स्किम के तहत आजकल वहां हिंदी फिल्मों की काफी शूटिंग हो रही है। इससे निर्माता को आर्थिक सहूलियतें मिल जाती हैं। लेकिन भारत के दर्शकों को क्या मिलता है?
कहानी में दम न हो और किरदार अधपके हों तो कलाकार भी प्रभावहीन लगते हैं। कम से कम अक्षय खन्ना और प्रियंका चोपड़ा से हम कुछ बेहतर परफार्मेस की उम्मीद तो रखते ही हैं। धर्मेश दर्शन ने राजा हिंदुस्तानी के बाद कई फिल्में निर्देशित कर लीं, लेकिन वह उस फिल्म का जादू नहीं दोहरा पा रहे हैं। आप की खातिर जैसी फिल्म उनकी असमर्थता जाहिर कर देती है।