
मुख्य कलाकार : सनी देओल, विवेक ओबेराय,समीरा रेड्डी, जैकी श्रॉफ आदि
निर्देशक : सचिन बजाज
तकनीकी टीम : निर्माता - अक्षय बजाज, गीत - समीर, संगीत - प्रीतम
सचिन बजाज ने विदेश में ट्रेनिंग ली। दक्षिण की फिल्म जींस में सहायक रहे। मुंबई में इंदर कुमार से भी सीखा, लेकिन फिल्म लेकर आए नक्शा। यह एमैच्योर सिनेमा है। सुविधा और संपर्क होने से अवसर मिल जाता है, किंतु उचित तैयारी न हो तो वह अवसर बेकार साबित होता है। नक्शा सचिन बजाज का ऐसा ही एडवेंचरस प्रयास है। हॉलीवुड फिल्मों की नकल पर मिथक, रहस्य और एडवेंचर के मसाले से तैयार की गयी नक्शा मनोरंजक थ्रिलर फिल्म हो सकती थी, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट, अधपके किरदार और जबरदस्ती के एक्शन दृश्यों के कारण कहानी की संगति नहीं बैठ पाती। फिल्म हिस्सों में आनंद देती है। रोमांच भी होता है, लेकिन अंतिम प्रभाव में फिल्म असफल रहती हैं।
मालूम नहीं महाभारत के कर्ण के कवच-कुंडल को इंद्र ने कहां छिपा कर रखा था। आज के एक पुरातत्वविद् उस कवच-कुंडल की खोज में लगे हैं। उनका साथी भी इस खोज में है, लेकिन उसका उद्देश्य अलग है। वह कवच-कुंडल हथिया कर दुनिया का सबसे ताकतवर व्यक्ति बन जाना चाहता है। तीर-कमान से रक्षा करने वाला कवच आज के एटमी जमाने में कैसे किसी को ताकतवर बना सकता है? यह सवाल निर्देशक और लेखक से नहीं पूछा जा सकता। बहरहाल, कवच-कुंडल की तलाश में उक्त महोदय की मौत हो जाती है। बीस सालों के बाद उनका बेटा विक्की उसी मिशन पर निकलता है। वह पुरातत्वविद् नहीं है, लेकिन वह एक बेटा तो है, जो अपने पिता के सपनों को पूरा करना चाहता है। वह अपने अभियान में मुसीबत में फंसता है तो उसका सौतेला बड़ा भाई वीर उसे सुरक्षित घर लाने के लिए पहुंच जाता है। अब दोनों भाइयों के अभियान में एक लड़की समीरा रेड्डी भी शामिल हो जाती है। बेतुके और फूहड़ हास्य प्रसंगों और एक्शन दृश्यों के बाद नकली किस्म के क्लाइमेक्स में दोनों भाइयों की विजय होती है। संसाधनों का दुरूपयोग कोई फिल्म इंडस्ट्री के इन बच्चों से सीखे। फिल्म के एक्शन दृश्य और स्पेशल इफेक्ट प्रभावित करते हैं, लेकिन वे कहानी का हिस्सा नहीं बन पाते। दर्शकों के नाच-गाने के आनंद के लिए जबरदस्ती दो-चार गाने ठूंस दिए गए हैं।
यह फिल्म विवेक ओबेराय के डूबते कैरिअर को बचाने में मदद नहीं कर पाएगी और न ही सनी देओल को कोई सहारा दे पाएगी। डायरेक्टर सचिन जाज को अभी और अभ्यास करना चाहिए। पहली कोशिश में उनकी विफलता किसी और के माथे नहीं मढ़ी जा सकती।