
मुख्य कलाकार : शाहरुख खान, अनुष्का शर्मा, विनय पाठक
निर्देशक : आदित्य चोपड़ा, यश चोपड़ा
तकनीकी टीम : निर्माता- यशराज फिल्मस, गीत- जयदीप साहनी
प्रेम का जब ईश्वर से साक्षात्कार होता है तब रूप, रंग, सपने और आकांक्षाएं सभी कोरे लगने लगते हैं। जब किसी इंसान में आपको ईश्वर के दर्शन होने लगे तो तय मानिए, आप उसे प्यार करते हैं। आदित्य चोपड़ा की नई फिल्म रब ने बना दी जोड़ी का यही सार है। उन्होंने पहली बार अपनी फिल्म की कहानी एक आम मध्यमवर्गीय जोड़ी के इर्द-गिर्द बुनी है। यही वजह है कि फिल्म हर वर्ग के लोगों का दिल छूने में सक्षम है।
हालात कुछ ऐसे बन जाते हैं कि चंचल, खूबसूरत और शोख तानी (अनुष्का शर्मा) का विवाह बेहद साधारण से दिखने वाले सुरेंद्र साहनी (शाहरुख) से हो जाता है। तानी ने पूर्व प्रेमी की मृत्यु के बाद अपने दिल के दरवाजे बंद कर लिए हैं। विवाह के बाद भी वह खुश नहीं है। तानी सुरेंद्र की सादगी से प्रभावित तो है पर उससे प्यार नहीं करती। पत्नी के नीरस जीवन को खुशियों से भरने के लिए सुरेंद्र अपने मित्र बॉबी खोसला की सहायता से रूप बदलता है। वह एक माडर्न लड़के राज का रूप धर कर तानी के करीब जाता है। तानी नहीं जानती है कि सुरेंद्र ही राज है। वह धीरे-धीरे राज के करीब आने लगती है और सुरेंद्र से दूर। राज के प्रति तानी के आकर्षण से सुरेंद्र आहत होता है वहीं, तानी भी राज और सुरेंद्र के बीच द्वंद्व में हैं। कहानी सरल है लेकिन भावनाओं के समंदर में गोते लगाते दोनों किरदारों की भावनाएं व उनका उनका प्यार असाधारण है।
रब ने बना दी जोड़ी के प्रारंभिक दृश्य काफी रोचक और मनोरंजक हैं जिनसे उम्मीदें बढ़ जाती हैं। लेकिन धीरे-धीरे फिल्म लयात्मकता खोने लगती है। इंटरवल के बाद कहानी एक बार फिर रफ्तार पकड़ती है और कई भावनात्मक पड़ावों से गुजरती हुई एक रोचक और स्वाभाविक अंत तक पहुंचती है।
आदित्य चोपड़ा का निर्देशन उम्मीदों पर खरा उतरा है। रवि के चंद्रन का छायांकन उच्चस्तरीय है। अमृतसर की गलियों के दृश्य बेहद स्वाभाविक लगते हैं। हालांकि फिल्म का संगीत पक्ष निराश करता है। हौले हौले हो जाएगा .. के अतिरिक्त सारे गीत नीरस लगते हैं। सुरेंद्र साहनी के रूप में शाहरूख सम्मोहित करते हैं। लेकिन राज के रूप में वह थोड़ा लाउड हो गए हैं। उनके चेहरे पर बढ़ती उम्र की झलक भी दिखती है। शाहरूख के आकर्षण के आगे अनुष्का का अभिनय फीका नहीं पड़ा है। उन्हें फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धि कहा जा सकता है। उनकी संवाद अदायगी और सादगी में काजोल की झलक दिखती है।
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-सौम्या अपराजिता