
मुख्य कलाकार : रणबीर कपूर, कोंकोणा सेन शर्मा, राहुल खन्ना, अनुपम खेर, शिखा तलसानिया, नमित दास
निर्देशक : अयान मुखर्जी
तकनीकी टीम : निर्माता- करण जौहर, गीत- जावेद अख्तर, संगीत- शंकर महादेवन, एहसान नूरानी, लॉय मेंडोनका
वेक अप सिड नए दौर के हिंदी सिनेमा का प्रतिनिधित्व करती है। ऐसे सिनेमा में दर्शकों के मनोरंजन के लिए ऐसी चीजें नहीं ठूंसी जाती है, जो कल्पना और तर्क से परे लगे। इस ढंग के सिनेमा के नायक में आम आदमी अपनी छवि देख सकता है। उसकी जिंदगी में अपने जीवन की झलक देख सकता है। सरल, सहज और मनोरंजक सिनेमा की बानगी है वेक अप सिड।
आम हिंदी फिल्मों की तरह ही वेक अप सिड में मां का प्यार है तो पिता का तिरस्कार है। प्रेमी-प्रेमिका का प्यार है लेकिन कहानी कहने का अंदाज नया और ताजा है। फिल्म देखते हुए दर्शक सिड की दुनिया में खो जाते हैं। कभी उसकी मासूमियत पर प्यार आता है, तो कभी उसकी नासमझी और गैरजिम्मेदाराना रवैये पर खीझ भी आती है। सिड की दुनिया महानगरों में रहने वाले उन युवाओं की तरह ही है, जो जीवन की सभी सुख-सुविधाएं साथ होने के कारण अपने स्वतंत्र अस्तित्व की तलाश नहीं कर पाते। उनका कोई लक्ष्य नहीं होता। फिर जब उनके बेहतर भविष्य के लिए माता-पिता कठोर कदम उठाते हैं, तो वह नाराज हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि वह घर से बाहर रहकर भी वैसा ही जीवन जी सकते हैं, लेकिन जीवन की सच्चाईयों से सामना होते ही होश आ जाता है। सिड के साथ भी ऐसा ही कुछ होता है। लेकिन सुस्त सिड स्वयं अपने जीवन को सही दिशा नहीं दे पाता है। उसका साथ देती है और मंजिल का रास्ता दिखाती है आएशा बनर्जी। कोलकाता से मुंबई आई आएशा अपने कम-उम्र साथी का मार्गदर्शन करती है। सिड की फोटोग्राफी की रुचि को ही आएशा उसकी मंजिल बनाती है। सिड अपने पैरों पर खड़ा हो जाता है। उसे उसकी मंजिल मिल जाती है। वेक अप सिड पहले भी कई बार पर्दे पर चित्रित की जा चुकी है। लेकिन युवा निर्देशक अयान मुखर्जी ने इस पुरानी कहानी को आज के युवाओं के लिए प्रासंगिक बनाया है। वेक अप सिड के सिद्धार्थ मेहरा और आएशा बनर्जी में महानगरों के युवक-युवती अपनी झलक देख सकते हैं। 25 वर्षीय अयान का निर्देशन फिल्म का मुख्य आकर्षण है।
सिड की भूमिका में रणबीर कपूर जंचे हैं। कोंकणा सेन का अभिनय हमेशा की तरह उच्चस्तरीय है। मेहमान भूमिका में राहुल खन्ना प्रभावित करते हैं। अनुपम खेर और सुप्रिया पाठक का अभिनय सहज है।
रेटिंग-***
-सौम्या अपराजिता