
मुख्य कलाकार : सलमान खान, करीना कपूर, सोहेल खान, महक चाहल आदि।
निर्देशक : पे्रम सोनी
तकनीकी टीम : निर्माता- रोनी स्क्रूवाला, सोहेल खान, कथा-पटकथा-संवाद- प्रेम सोनी, गीत- जुनैद वासी, सुजैन डिमेलो, जलीस शेरवानी, अरुण भैरव, संगीत- साजिद वाजिद।
प्यार, शादी और करियर जैसे जरूरी मुद्दों को छूती मैं और मिसेज खन्ना की शुरुआत अच्छी है। हमें लगता है कि हम रिश्तों की मॉडर्न कहानी देखने जा रहे हैं, जिसमें आज के प्रेमी, पति-पत्नी और दोस्त होंगे। सलमान खान और करीना कपूर ने उस शुरूआत के अनुसार खुद को ढाला है। दोनों आरंभ में संयत नजर आते हैं। समीर और रैना हमें आज के वास्तविक किरदार लगते हैं। दोनों के बीच अलगाव होता है। समीर की तरफ से यह थोपा हुआ अलगाव है। इसे रैना स्वीकार तो करती है, लेकिन वह अपनी ख्वाहिशों के अनुसार चलती है। रैना की जिंदगी में आकाश के आने के साथ ही फिल्म हल्की हो जाता है। एक गंभीर सी कहानी में मसखरे किरदार आकाश को लाकर लेखक-निर्देशक प्रेम सोनी भटक गए हैं। इसके बाद फिल्म न तो रोमांटिक रहती है और न कॉमेडी बन पाती है। प्यार, शादी और करियर का मुद्दा भी गौण हो जाता है।
दरअसल सोनी समझ नहीं पाए हैं कि उन्हें फिल्म किस दिशा में किस मिजाज के साथ ले जाना है। वे सलमान खान और करीना कपूर सरीखे कलाकारों का उचित उपयोग नहीं कर पाते। फिल्म दो हिस्सों में बंटी हुई है और दोनों ही हिस्से अधूरे हैं। एक का धड़ नहीं है तो दूसरे का सिर नहीं है।
रेटिंग-** स्टार
-अजय ब्रह्मात्मज