
मुख्य कलाकार : संजय दत्त, अक्षय कुमार, जायद खान, लारा दत्ता, कैटरीना कैफ, कबीर बेदी आदि।
निर्देशक : एंथनी डिसूजा
तकनीकी टीम : निर्माता- ढिलिन मेहता, पटकथा और संवाद- मयूर पुरी, गीत- अब्बास टायरवाला, सुखविंदर, रकीब आलम, मयूर पुरी
इस साल की चंद महंगी फिल्मों में से एक ब्लू छोटी, चुस्त और नई है। इस फिल्म के अंडरवाटर स्टंट की काफी चर्चा थी। नीले समुद्र के विस्तार और गहराई में फैली फिल्म की कहानी में अक्षय कुमार, संजय दत्त, जायद खान, लारा दत्ता और राहुल देव जैसे कलाकार पिरोए गए हैं।
ब्लू समुद्र की गहराई में छिपे खजाने तक पहुंचने और उन्हें हासिल करने के प्रपंच और एक्शन से भरी है। सागर, आरव और समीर मुख्य किरदार हैं। सागर उस खजाने का ठिकाना जानता है। आरव और समीर के दबाव में आकर वह खजाने के ठिकाने तक जाता है, लेकिन वह प्रपंचों का शिकार होता है। कथा-पटकथा और दृश्यों पर लेखक-निर्देशक का जोर ही नहीं है। वे चेज, एक्शन और स्टंट फिल्माने में ही लगे रहे हैं। हर संवाद के बाद ठांय-ठांय की आवाज आती है। नतीजन कहानी के अभाव में फिल्म टांय टांय फिस्स हो जाती है। ब्लू के प्रचार में अंडरवाटर स्टंट पर जोर था। फिल्म में यह स्टंट बमुश्किल पंद्रह मिनट भी नहीं चलता। कलाकारों के चेहरों पर मास्क लगे हैं, इसलिए पहचान में नहीं आता कि वे खुद स्टंट कर रहे हैं या उनका डुप्लीकेट। शार्क मछलियां का भी जिक्र किया गया था, लेकिन उनकी मौजूदगी थ्रिल पैदा नहीं करती। अगर आप एडवेंचर और थ्रिल की उम्मीद में ब्लू देखने की सोच रहे हैं तो निराश होंगे। हां, समुद्री की गहराइयों में समुद्री जीवों, वनस्पतियों और अन्य पदार्थो के खूबसूरत फिल्मांकन पर निर्देशक ने ध्यान दिया है, लेकिन दर्शक इन दिनों घर बैठे डिस्कवरी चैनल पर यह सब देखते रहते हैं।
अक्षय कुमार फिर से पुराने अंदाज में दिखे हैं। संजय दत्त मोटे और थुलथुल नजर आए हैं। वे एक्शन दृश्यों के लिए वह फिट नहीं लगते। जायद खान अवश्य मोटरबाइक चेजिंग में चुस्त लगे हैं। लारा दत्ता खूबसूरत हैं। निर्देशक ने उनके सौंदर्य और शरीर को जमकर एक्सपोज किया है। एक्शन और लोकेशन के आकर्षण के बावजूद ब्लू निराश करती है, क्योंकि फिल्म की कहानी में उन्हें सिर्फ टांका गया है।
रेटिंग-** स्टार
-अजय ब्रह्मात्मज