दोस्ती का नया आयाम दोस्ताना

दोस्ती का नया आयाम दोस्ताना

करण जौहर ने पहले निखिल आडवाणी को मौका दिया। कल हो ना हो से निखिल आडवाणी चर्चित हुए और अब अपनी कंपनी बनाकर चांदनी चौक टू चाइना ला रहे हैं। फिर सोहम की फिल्म काल आई। सोहम अब अष्ट विनायक की फिल्म कर रहे हैं और अब तरूण मनसुखानी को उन्होंने दोस्ताना निर्देशित करने का अवसर दिया है। कहा जा सकता है कि करण जौहर अपने सहायकों और नई प्रतिभाओं को मौका देते हैं। उनसे दोस्ती निभाते हैं।

दोस्ताना चर्चा में है। चर्चा की वजह है कि फिल्म में अभिषेक बच्चन और जॉन अब्राहम को समलैंगिक चरित्रों के रूप में दिखाया गया है। फिल्म के प्रोमो में उन्हें इसी रूप में पेश किया जा रहा है। करण जौहर की फिल्मों में समलैंगिकता का प्रसंग आ ही जाता है। बहरहाल, दोस्ताना में समीर (अभिषेक बच्चन) और कुणाल (जॉन अब्राहम) दोस्त हैं। उन्हें रहने की जगह नहीं मिल पा रही है। एक मकान मिलता भी है तो मकान मालकिन उन्हें इसलिए किराए पर मकान नहीं देती कि उनकी जवान भतीजी नेहा (प्रियंका चोपड़ा) साथ में रहती है। उन्हें डर है कि कहीं जवान लड़के नेहा पर डोरे न डालें। मकान मालकिन की इस शंका को दूर करने के लिए समीर और कुणाल खुद को समलैंगिक बता देते हैं। मकान तो मिल जाता है। उसके बाद नए किस्म का नाटक शुरू होता है। नेहा के प्रति दोनों आकर्षित होते हैं। नेहा के बॉस अभिमन्यु (बॉबी देओल) भी पीछे नहीं रहते। वे भी आ टपकते हैं। फिर दोस्ती और प्रेम का कंफ्यूजन होता है। इस फिल्म की पूरी शूटिंग मियामी के समुद्रतट पर की गई है। समुद्र का नीला पानी और परिवेश की नीलिमा फिल्म के बैकड्रॉप पर मनोहारी लग रही है। अभिषेक और प्रियंका की पिछली फिल्म द्रोण नहीं चली, लेकिन प्रियंका की फैशन को दर्शकों ने सराहा है। उधर, जॉन अब्राहम पर फ्लॉप का ठप्पा लग गया है। वैसे अभिषेक और जॉन की फिल्म धूम काफी कामयाब रही थी। उम्मीद तो यही की जा रही है कि शायद दोस्ताना भी धूम मचा दे।

-अजय ब्रह्मात्मज

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