एक चोर की कहानी ओए लक्‍की! लक्‍की ओए!

एक चोर की कहानी ओए लक्‍की! लक्‍की ओए!

दिबाकर बनर्जी की पहली फिल्म खोसला का घोसला को सराहना मिली थी। दिल्ली के मध्यवर्गीय परिवार की पृष्ठभूमि में अपने मकान के सपने को लेकर बुनी गई वह फिल्म अपनी वास्तविकता और शानदार अभिनय के लिए पसंद की गई थी। इस बार वह ओए लक्‍की! लक्‍की ओए! लेकर आ रहे हैं।

यह फिल्म भी दिल्ली की पृष्ठभूमि पर है, लेकिन इस बार फिल्म का नायक एक चोर है। कहते हैं यह फिल्म दिल्ली के ही एक बदमाश चोर की जिंदगी से प्रेरित है। निम्न मध्यवर्गीय परिवार का लड़का लकी बेहतर और आरामतलब जिंदगी के लिए चोरी को ही आजीविका बना लेता है। चोरी करने का उसका तरीका निराला है। वह कहीं से आक्रामक, हिंसक या गुस्सैल नहीं है। उस चोर का एक दोस्त है तो एक प्रेमिका भी है। फिल्म की अधिकांश शूटिंग दिल्ली में की गई है। फिल्म के हीरो अभय देओल हैं। अभय ऐसी छोटी फिल्मों के परिचित नाम हो गए हैं। इस फिल्म में परेश रावल तिहरी भूमिका में दिखेंगे। साथ में नीतू चंद्रा हैं, जो इस फिल्म की सोलो हीरोइन हैं। स्नेहा खानवलकर ने फिल्म के संगीत में देसी सुर और स्वर पिरोए हैं।

- अजय ब्रह्मात्मज

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