
मुंबई। फिल्म निर्माता राकेश रोशन के साहित्यिक चोरी का मामला न्यायालय के बाहर ही निपट गया है। संगीतकार राम संपत को इसके एवज में 2 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। लेकिन इस मामले ने एक बार फिर बॉलीवुड के कॉपीराइट नियमों की अनदेखी को चर्चा का विषय बना दिया है।
इंडस्ट्री से जुड़े कुछ लोग जहां इसे सही मानते हैं वहीं कुछ ऐसा नहीं समझते। शो मैन सुभाष घई कहते हैं, जब तक अंदर की बात मालूम न हो, मैं इस विषय पर कुछ कहना नहीं चाहूंगा। ऐसा हो जाता है कि कहीं से प्रेरित होकर बनाई गई फिल्मों या उनके गानों को लेकर कॉपीराइट के मामले में हमारा ध्यान नहीं रह जाता।
संगीत की दुनिया में प्रेरित होने या रीमेक बनाने को लेकर कॉपीराइट नियमों का खुलकर उल्लंघन हो रहा है। इस मामले ने भविष्य में सचेत रहने के लिए हमें अलर्ट कर दिया है। संगीतकार ए. आर. रहमान ने कहा, अब समय आ गया है कि लोग अपने काम को पूरी सफाई के साथ करें और क्रिएटिव लोगों से थोड़ा डर कर रहें।
महेश भट्ट कहते हैं, हर जगह, हमेशा कोई न कोई आपसे ज्यादा स्मार्ट है। बॉलीवुड के लिए यह जाग जाने की घंटी है। अब मुश्किल है कि आप चोरी करें और पकड़े न जाएं। मनीष आचार्य कहते हैं, जब मैंने लायंस ऑफ पंजाब प्रेजेंट्स.. बनाई तो हर गाने, यहां तक कि एक म्यूजिक कांटेस्ट के 8 सेकेंड के क्लिप का भी कॉपीराइट करा लिया। मैं समझता हूं कि आईपीआर (बौद्धिक धन अधिकार) फिल्म इंडस्ट्री के विकास में सहायक है।