बचना ए हसीनों: तीन हसीनों का एक दीवाना

बचना ए हसीनों: तीन हसीनों का एक दीवाना

सिद्धार्थ आनंद की पिछली फिल्म तारा रम पम  ज्यादा नहीं चली थी तो क्या? उनकी अगली  फिल्म पंद्रह अगस्त  को आ रही है। इस फिल्म में कपूर खानदान के वारिस रणबीर  कपूर हीरो हैं और फिल्म में उन्होंने अपने दादा राज कपूर का प्रचलित नाम राज रखा है।

राज की जिंदगी  में तीन लड़कियां आती हैं, जिनसे उसे प्रेम होता है। पंजाब, मुंबई और आस्ट्रेलिया में उसकी मुलाकात क्रमश:  माही, राधिका और गायत्री से होती है। राज प्यारा नौजवान है। लड़कियां उसकी तरफ सहज आकर्षित होती हैं। माही, राधिका और गायत्री उसके जीवन में आने के साथ प्रेम और जिंदगी  के सबक दे जाती हैं। माही अमृतसर में पली-बढ़ी लेकिन उसकी ख्वाहिशें पूरी होती रहीं। उसे यकीन है कि उसके साथ कुछ भी गलत नहीं हो सकता। फूलों से बिछली  सतरंगी  राह से वह अपनी मंजिल पा लेगी। वह खुशियों के गीत गाती है और सपने संजोती है। राधिका मुंबई की लड़की है। सेक्सी और आत्मविश्वास से भरपूर राधिका अपनी शर्तो पर जिंदगी  जीती है। फिल्मों में काम करना उसका सपना है। लड़कों से दोस्ती करने में या मन की बात कहने में उसे कोई झिझक नहीं होती। अपनी खुशियों के लिए वह दुनिया की रूढि़यों  को तोड़ने में यकीन रखती है। गायत्री पढ़ाई के लिए आस्ट्रेलिया गयी है। खूबसूरत और महत्वाकांक्षी गायत्री के ख्वाब बड़े हैं। वह अपने ख्वाबों को पूरा करने की जिद भी रखती है। चुनौतियां के आगे वह कभी नहीं झुकती। उसकी आंखें चुनौतियों से चमकने लगती  हैं। अपनी जिंदगी  में कुछ भी हासिल करने से उसे कोई नहीं रोक सकता।

रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की पहली फिल्म एक ही दिन रिलीज हुई थी। तब वे आमने-सामने थे और अब साथ-साथ हैं।

-अजय ब्रह्मात्मज

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