मैं और डफली एक दूजे के पूरक है: तेजी संधू

मैं और डफली एक दूजे के पूरक है: तेजी संधू


विश्वविद्यालय में हमेशा सतिंदर सत्ती जब तेजी संधू का नाम पुकारतीं, तो हॉल तालियों से गूंज उठता। संधू अपने हाथ में डफली लेकर मंच पर आते और अपने गीतों से सभी को मुग्ध कर देते। उन दिनों तो उन्हें भी...
फिल्मों से मिलती है शोहरत: सोनल सहगल

फिल्मों से मिलती है शोहरत: सोनल सहगल


कई धारावाहिकों में केंद्रीय भूमिका निभा चुकीं सोनल सहगल ने लगभग डेढ़ वर्ष बाद फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाने का निर्णय किया है। दरअसल, धारावाहिकों की शूटिंग की व्यस्तता के कारण वे अपने वैवाहिक...
फिल्म मेकिंग आसान है: एकता कपूर

फिल्म मेकिंग आसान है: एकता कपूर


ऐसा लगता है कि छोटे पर्दे की महारानी यानी एकता कपूर का क अक्षर से मोहभंग हो चुका है। इसका प्रमाण हैं, उनके बैनर तले निर्मित दो नए धारावाहिक बेताब दिल की तमन्ना है और प्यार का बंधन, जिनका प्रसारण...
है बारह वर्षों का रिश्ता: शिवाजी साटम

है बारह वर्षों का रिश्ता: शिवाजी साटम


सोनी के लोकप्रिय धारावाहिक सीआईडी ने छोटे पर्दे पर लंबा सफर तय किया है। इसे पिछले बारह वर्षो से दर्शकों द्वारा पसंद किया जा रहा है। इसमें केंद्रीय भूमिका निभा रहे शिवाजी साटम का भी उल्लेखनीय...
अलादीन से मिलेगी पहचान: सुजॉय घोष

अलादीन से मिलेगी पहचान: सुजॉय घोष


सुजॉय घोष अपनी नई फिल्म अलादीन की प्रेरणा मनमोहन देसाई को मानते हैं। पहली दोनों फिल्मों झंकार बीट्स और होम डिलीवरी से दर्शकों से वाहवाही लूटने में असफल रहे सुजॉय को उम्मीद है कि अलादीन से वे इस...
ड्रीम-गर्ल की तलाश: रितेश

ड्रीम-गर्ल की तलाश: रितेश


रितेश देशमुख को कॉमेडी किंग का टैग पसंद नहीं। इसीलिए उन्होंने अब इस टैग से छुटकारा पाने के लिए गंभीर फिल्मों की ओर रुख किया है। और क्या इरादे हैं उनके एक नजर.. ...
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2009 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित