मैं और डफली एक दूजे के पूरक है: तेजी संधू

मैं और डफली एक दूजे के पूरक है: तेजी संधू

विश्वविद्यालय में हमेशा सतिंदर सत्ती जब तेजी संधू का नाम पुकारतीं, तो हॉल तालियों से गूंज उठता। संधू अपने हाथ में डफली लेकर मंच पर आते और अपने गीतों से सभी को मुग्ध कर देते। उन दिनों तो उन्हें भी नहीं पता था कि एक दिन क्रिकेट टीम के टर्बनेटर कहलाने वाले हरभजन सिंह यानी भज्जी उनकी पहले एलबम में उनके गीतों पर थिरकते नजर आएंगे, लेकिन ऐसा हुआ। जब तेजी संधू का पहला एलबम आया, तब उसमें इक चीज मैं बनौणी बिल्लो तूं बण जा, आजा मेरे मापेंयां दी नूंह बण जा.. गीत पर भज्जी नाच उठे। उन्हें देखकर लोग खुद-ब-खुद नाचने लगते। सफलता का यह सफर तेजी ने एक ही दिन में तय नहीं किया है, बल्कि इसके पीछे उनकी वर्षो की साधना है। पिछले दिनों तेजी से बातचीत हुई। प्रस्तुत हैं उसके अंश..

आपको कैसे पता चला कि आपके अंदर एक गायक छिपा है?

असल में जब मैं छोटा था, तब किसी की भी तख्ती पकड़कर उसे बजाने लगता और गुनगुनाने लगता था। पता नहीं तख्ती बजाने का शौक कब डफली बजाने में तब्दील हो गया और मैं गायक बन गया।

आपको मालूम है कि आपकी गायकी का सफर पटरी पर कब आया?

वैसे तो यह सवाल टेढ़ा है, लेकिन फिर भी मैं आपको एक घटना सुनाता हूं। 1994 में एनसीसी में दिल्ली रिपब्लिक डे परेड के दौरान फोक सॉन्ग और टप्पे गाने का मौका मिला, जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। उस दिन मेरा मनोबल इतना बढ़ा कि मुझे लगा कि मैं गायक के अलावा और कुछ बन ही नहीं सकता।

आपकी जिंदगी का कोई यादगार वाकया?

वैसे तो बहुत से वाकये हैं, लेकिन एक वाकया मेरे जेहन से नहीं निकलता, क्योंकि मेरे गीतों का पहला एलबम गोरी जब आया, तो उसको मेरे बहुत ही करीबी दोस्त और इंडियन क्रिकेट स्टार हरभजन सिंह ने गाने में शिरकत की, जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। जब गाना चैनलों पर चला, उसके बाद मैं रातोंरात स्टार बन गया।

उसका लाभ आपको मिला?

बिल्कुल। इसका परिणाम यह हुआ कि जब इंडिया ने ट्वेंटी-ट्वेंटी व‌र्ल्ड कप जीता, तो उस समय जी न्यूज वालों ने मुझे अपने साथ जोड़कर रखा। उन दिनों मैं उनके हेड ऑफिस के रेस्ट हाउस में ही रहा। इस तरह मैं पहला ऐसा कलाकार हूं, जिसने सारे खिलाडि़यों के लिए गाने बनाकर इंडियन टीम के लिए गाये।

आजकल आप क्या कर रहे हैं?

वैसे तो आजकल मैं अपने नए एलबम बनाने में व्यस्त हूं। उस एलबम के म्यूजिक डायरेक्टर मुंबई के ही विल्ली हैं। हाल ही मैं मैंने अग्ग दे कलीरे और लोरी सीरियल के टाइटिल सॉन्ग गाये हैं, जो अमेरिका में पंजाबी टीवी पर प्रसारित हो रहे हैं।

बॉलीवुड के लिए कोई गाना गाया है?

टारगेट आईएएस आफिसर फिल्म के लिए एक गाना गाया है लगेगा रौणक मेला..। और भी कई फिल्मों में गाने के ऑफर हैं, लेकिन बात अभी पूरी तरह से फाइनल नहीं हुई है।

आपकी डफली की चर्चा अक्सर होती है। इसकी कोई खास वजह?

लोग मुझे कहते हैं कि तेजी की बीवी डफली है। मैं जहां भी जाता हूं, डफली मेरे साथ होती है। गीत गाने के लिए मैं किसी मंच का इंतजार नहीं करता। जब मेरे हाथ डफली पर पड़ते हैं, वह जगह खुद ही मंच बन जाती है। मैं और डफली दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। एक के बिना दूसरा हो ही नहीं सकता।

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