भारत को करना होगा बल्लेबाजी में सुधार   
 
 

हैदराबाद। मोहाली में बल्लेबाजों के घुटने टेकने के बाद सीरीज में 2-2 से बराबरी के लिए मजबूर हुई भारतीय क्रिकेट टीम सात मैचों की सीरीज के पांचवें वनडे में बृहस्पतिवार को जब चोटों की समस्या से जूझ रही आस्ट्रेलिया से भिड़ेगी तो उसे अपने बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

आस्ट्रेलिया को नंबर एक के सिंहासन से हटाने की कवायद में जुटी टीम इंडिया की बल्लेबाजी गौतम गंभीर की संभावित वापसी से मजबूत होगी जो गर्दन में चोट के कारण पिछले मैच में नहीं खेल पाए थे। मेजबान टीम के लिए हालांकि शीर्ष क्रम में अच्छी शुरुआत नहीं मिलना चिंता का सबब है। क्यूरेटर का कहना है कि यहां की पिच बल्लेबाजों के लिए वरदान साबित हो सकती है जबकि गेंदबाजों को भी इससे मदद मिलेगी।

वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर की सलामी जोड़ी ने अब तक 25, 21, 37 और 40 रन की साझेदारी की है लेकिन टीम इंडिया को उम्मीद होगी कि यहां यह साझेदारी कम से कम 100 रन के करीब पहुंचे जिससे गंभीर, युवराज सिंह, कप्तान महेंद्र सिंह धौनी और सुरेश रैना जैसे आक्रामक बल्लेबाजों को आदर्श मंच मिलेगा। तेंदुलकर एक दिवसीय मैचों में 17000 रन का आंकड़ा छूने से मात्र सात रन दूर हैं और वह कल इससे बड़ी पारी खेलने की प्रेरणा लेंगे।

दूसरी तरफ आस्ट्रेलियाई टीम सीरीज की शुरुआत से ही चोटों की समस्या से जूझ रही है। इस सूची में तेज गेंदबाज पीटर सिडल का भी नाम जुड़ गया है जो मांसपेशियों में खिंचाव के कारण स्वदेश लौट चुके हैं। इससे पहले तेज गेंदबाज बे्रेट ली, विकेटकीपर टिम पेन और आलराउंडर जेम्स होप्स भी चोटिल होने के बाद आस्ट्रेलिया लौट चुके हैं। वडोदरा में पहला एक दिवसीय मैच हारने के बाद धौनी की अगुवाई वाली टीम ने सीरीज में जबर्दस्त वापसी की थी लेकिन चौथे मैच में बल्लेबाजी के ध्वस्त होने के बाद रिकी पोंटिंग की टीम ने सीरीज में बराबरी हासिल कर ली।

उप्पल के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में कल होने वाले मैच में अगर मेजबान टीम के बल्लेबाज एक बार फिर विफल रहते हैं तो उसकी मुश्किलें बढ़ सकती है क्योंकि ऐसी स्थिति में उसे सीरीज जीतने के लिए अंतिम दोने मैच जीतने होंगे। गंभीर की वापसी से भारत की बल्लेबाजी मजबूत होंगी क्योंकि दिल्ली का यह बल्लेबाज स्थिति के मुताबिक धीमी और तेज बल्लेबाजी करने की क्षमता रखता है। भारत को इसके अलावा आक्रामक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के अधिक देर तक क्रीज पर टिकने की उम्मीद होगी जिन्होंने टीम को तेज शुरुआत तो दी है लेकिन वह बड़ी पारी खेलने में विफल रहे हैं।

अगर सहवाग और तेंदुलकर भारत को ठोस शुरुआत देने में सफल रहते हैं तो बाकी बल्लेबाज चोटों से जूझ रही आस्ट्रेलिया अनुभवहीन गेंदबाजी का फायदा उठा सकते हैं। भारतीय गेंदबाजों को भी मिश्रित सफलता मिली है और तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा के प्रदर्शन में निरंतरता नहीं है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने बेहतरीन गेंदबाजी की है जबकि प्रवीण कुमार ने बल्लेबाजों को बांधकर रखा है। ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह भी धीरे-धीरे लय में लौट रहे हैं।

दूसरी तरफ ली के बाद सिडल के भी चोटिल होने के बाद आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी कमजोर हुई जिससे मिशेल जॉनसन पर बोझ बढ़ गया है जो अब तब उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में असफल रहे हैं। सीनियर गेंदबाजों की गैर-मौजूदगी में डग बोलिंजर ने प्रभावित किया है जबकि बीच के ओवरों में ऑफ स्पिनर नाथन हौरिट्ज ने किफायती गेंदबाजी की है। बल्लेबाजी में भी आस्ट्रेलिया की उम्मीदें काफी हद तक कप्तान पोंटिंग और उप कप्तान माइक हसी पर टिकी होंगी। पोंटिंग और हसी अब तक चार मैचों में तीन अर्धशतक जमा चुके हैं। हालांकि मोहाली में शेन वॉटसन के आलराउंड प्रदर्शन से पोंटिंग की परेशानी कुछ कम हुई होगी।

टीमें:

आस्ट्रेलिया: रिकी पोंटिंग [कप्तान], माइक हसी, डग बोलिंजर, नाथन हौरिट्ज, जान हालैंड, बेन हिलफेंहास, मिशेल जॉनसन, शान मार्श, एडम वोग्स, शेन वॉटसन, कैमरून वाइट, क्लाइंट मैकाय और मोइसेस हैनरिक्स।

भारत: महेंद्र सिंह धौनी [कप्तान], वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, गौतम गंभीर, युवराज सिंह, सुरेश रैना, हरभजन सिंह, ईशांत शर्मा, मुनफ पटेल, आशीष नेहरा, प्रवीण कुमार, अमित मिश्रा, सुदीप त्यागी, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा।

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