करीब दस साल बाद एक बार फिर श्रीलंका में टेस्ट मैच खेलना सुखद है। इस बीच हम लोग कई बार यहां वनडे या त्रिकोणीय सीरीज खेलने आते रहे हैं। मगर लंबे समय के बाद यहां टेस्ट खेलने आना सच में रोमांचक है। साल के इस समय यहां मौसम बाधक बनता रहा है। मगर यहां सबसे आदर्श स्थिति यह होगी कि पूरे पांच दिन बारिश न हो और टेस्ट मैच पूर्ण हो, ताकि बढि़या क्रिकेट खेला जा सके। ...
एक दिवसीय सीरीज में आस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज पर अपना दबदबा बनाए रखा। श्रीलंका जिसने पिछली बार एशिया कप जीता था ने इस बार भी वैसा ही प्रदर्शन किया जो ये साबित करता है कि वे विश्व के सबसे बड़े महाद्वीप की नंबर वन टीम है। शानदार सामूहिक प्रयासों की बदौलत वेस्टइंडीज और भारतीयों ने अच्छी टक्कर दी। ...
(सुनील गावस्कर की कलम से)
महेंद्र सिंह धोनी का श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में आराम करने का फैसला साहसिक है। हर खिलाड़ी इतना जोखिम नहीं उठा सकता कि अपनी अनुपस्थिति में विकल्पों को जगह पक्की करने का मौका दे दे। यह धोनी का आत्मविश्वास है... ...
इस टूर्नामेंट में बांग्लादेश की टीम को एक मैच में पाकिस्तान से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। मगर इस मैच का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा, क्योंकि एशिया कप के फाइनल मुकाबले के लिए टीम का फैसला पहले ही हो चुका था। यह कहना कि सभी पिचें सपाट होगी, एक तरह से भूल है। ...
बांग्लादेश ने भारत के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर 283 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। मगर अंत में भारतीय बल्लेबाजों ने यह दिखा दिया कि वह किसी बड़े लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकते हैं। गौतम गंभीर ने शुरुआत में कठिन परिश्रम किया। उन्होंने यह जता दिया कि रोबिन उथप्पा के जल्दी आउट होने के बावजूद टीम इंडिया इस बड़े लक्ष्य को अच्छी रन गति से हासिल कर लेगा। जब आप फार्म में हो तो इसे भुनाना हमेशा उपयोगी होता है और गंभीर इसमें खूब सफल हो रहे हैं। ...