हैदराबाद। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के काफी प्रयासों के बावजूद जहीर खान की अनुपस्थिति में भारतीय टीम के लिए डेथ ओवरों में गेंदबाजी करना अब चिंता का विषय बना हुआ है और वह बृहस्पतिवार को उप्पल स्टेडियम में आस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचवें एक दिवसीय मैच में फिर से अपनी इस कमजोरी को दूर करने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी।
धौनी ने नागपुर में दूसरे वनडे के बाद स्वीकार किया था कि डेथ ओवरों में खराब गेंदबाजी टीम के लिए चिंता का विषय है लेकिन उसके बाद के दो मैचों में भी गेंदबाज अंतिम दस ओवरों में कप्तान की अपेक्षानुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। भारतीय कप्तान ने कहा, पिछले कुछ समय से डेथ ओवरों में गेंदबाजी हमारे लिए चिंता का सबब रहा है। हमने कभी-कभी तो चार पांच ओवरों में 40 से 50 रन दे दिए। धौनी की चिंता यह है कि नए सत्र में किसी भी मैच में गेंदबाज विरोधी बल्लेबाजों पर अंतिम क्षणों में अंकुश नहीं लगा पाए।
आस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्तमान सीरीज के अब तक जो चार मैच खेले गए उनमें से वडोदरा में पहले मैच में अंतिम दस ओवर में भारतीय गेंदबाजों ने 79 रन दिए। इनमें से अंतिम पांच ओवर में 54 रन बने। नागपुर में दूसरे वनडे में अंतिम आठ ओवर में भारत ने 55 रन लुटाए जबकि दिल्ली में दस ओवर में 63 रन दे डाले। मोहाली में स्थिति में कुछ सुधार हुआ और अंतिम नौ ओवर में केवल 49 रन बने और धौनी चाहते है कि उनके गेंदबाजों को डेथ ओवरों में यही दर कायम रखनी चाहिए।
कप्तान ने कहा, यदि हम डेथ ओवरों में पांच से कम रन देते हैं तो यह आखिर में अहम साबित होंगे। भारत की यह समस्या हालांकि अभी शुरू नहीं हुई। दक्षिण अफ्रीका में खेली गई चैंपियंस ट्राफी के जिस मैच में उसे पाकिस्तान से हार मिली उसमें भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम दस ओवर में 85 रन लुटाए। इसी तरह से श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले गए त्रिकोणीय सीरीज के तीसरे मैच में भारतीय गेंदबाज अंतिम दस ओवर में 88 रन दे गए थे। वैसे यह चिंता सिर्फ भारत से ही नहीं जुड़ी है। आस्ट्रेलिया भी ब्रेट ली जैसे स्टार गेंदबाज की अनुपस्थिति में इस समस्या से जूझ रहा है।
वडोदरा ने हरभजन सिंह और प्रवीण कुमार ने डेथ ओवरों में उसके गेंदबाजों की हालत खस्ता करके अंतिम आठ ओवर में 82 रन बटोरे जबकि नागपुर में धौनी और सुरेश रैना ने अंतिम दस ओवर में 108 रन ठोके। दिल्ली और मोहाली में हालांकि अंतिम ओवरों में उसके गेंदबाज कुछ प्रभावशाली रहे लेकिन उप्पल की बल्लेबाजी के लिए अनुकूल दिख रहे विकेट पर उन्हें भी भारतीय बल्लेबाजों के सामने अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ेगा।
लेख को दर्जा दें
दर्जा दें(5) वोट का औसत
Saving...
|



