पहले भारत और अब पाकिस्तान। यह दिलचस्प संयोग है कि अब तक खेले गए दोनों ट्वंटी 20 विश्व कप में जिन दोनों टीमों को टूर्नामेंट के शुरू में नकार दिया गया या अंडरडाग माना गया, वही टीमें तमाम संभावनाओं और क्रिकेट पंडितों को झुठलाकर चैंपियन बनी। पहले सितंबर 2007 की बात। कभी भारतीय क्रिकेट बोर्ड को क्रिकेट का यह छोटा प्रारूप पसंद नहीं था और जब महेंद्र सिंह धौनी को पहली बार कमान सौंपकर टीम को इंग्लैंड के व्यस्त कार्यक्रम से दक्षिण अफ्रीका भेजा गया तो किसी को विश्वास नहीं था कि टीम चैंपियन बनेगी लेकिन भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को पांच रन से हराकर ट्वंटी 20 का पहला विश्व कप जीता। और अब जून 2009। पाकिस्तानी टीम अपने देश में आतंकवाद के कारण पिछले दो साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लगभग महरूम रही थी और उसका कोई भी खिलाड़ी इस साल इंडियन प्रीमियर लीग में नहीं खेला था, ऐसे में कोई भी यूनुस खान की टीम पर दांव लगाने को तैयार नहीं था लेकिन कम अभ्यास के बावजूद पाकिस्तान ने फाइनल में श्रीलंका को आठ विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। मतलब साफ है कि जब उपमहाद्वीप की यह टीमें चैंपियन बनी तो उनके लिए अंडरडाग होना फायदेमंद रहा क्योंकि इससे टीम पर से दबाव हट गया। जरा 2007 में चैंपियन बनने के बाद धौनी के बयान पर गौर करिए। उन्होंने कहा था कि अंडरडाग होने से भी टीम को मदद मिली। हम बहुत सहज थे। हमने पहली टीम बैठक में ही इस पर चर्चा की थी। हमें प्रबल दावेदार नहीं माना गया और किसी को भरोसा नहीं था कि हम सुपर आठ या नाकआउट चरण में पहुंचेंगे लेकिन जहां अपेक्षाएं कम होती हैं वहां प्रतिबद्धता अधिक होती है। और अब दो साल बाद यूनुस ने भी लगभग यही बात दोहराई। पाकिस्तानी कप्तान ने कहा कि मुझे लगता है कि अंडरडाग होने से हमें मदद मिली। इससे टीम पर से दबाव हट गया। किसी ने भी नहीं सोचा था कि हम टूर्नामेंट जीतेंगे लेकिन हमारी टीम ने अचानक ही लय हासिल कर ली। ट्वंटी 20 विश्व कप में अब तक की इन दोनों चैंपियन टीमों के बीच केवल इतनी ही समानता नहीं है बल्कि खिताब तक की राह में भी इनमें कुछ समानताएं नजर आती हैं। मसलन दोनों टीमों की पहले चरण और सुपर आठ में खराब शुरुआत रही और दोनों ने सेमीफाइनल में खिताब के प्रबल दावेदार और फाइनल में उपमहाद्वीप की टीम को हराया। शुरुआत 2007 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए पहले विश्व कप में भारतीय अभियान से करें तो धौनी की टीम का पहला मैच कमजोर स्कॉटलैंड के साथ था जो बारिश से धुल गया और भारत के जिस मैच में दो अंक पक्के समझे जा रहे थे उसमें उसे एक अंक ही मिला। इसके बाद पाकिस्तान के साथ उसक मैच टाई हो गया लेकिन बाल आउट में भारतीय बाजी मार गए और उसे पूरे दो अंक मिले। पूर्व टेस्ट कप्तान रमीज राजा ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट और देश के लिए यह जीत बहुत बड़ी है। उन्होंने कहा, लोग कठिन दौर से गुजर रहे हैं। हमारा क्रिकेट भी। हमें इस जीत की बहुत जरूरत थी। टीम ने अपना अभियान बखूबी शुरू किया और सही समय पर लय पकड़ी। रमीज ने सेमीफाइनल और फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शाहिद अफरीदी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, अफरीदी ने बड़े मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया। वह अपने करोड़ों प्रशंसकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरा है।
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