[सुरेन्द्र कुमार वर्मा]
इंग्लैंड पुछल्लों बल्लेबाजों के साहसिक दम पर एशेज सीरीज का पहला मैच बचाने में सफल रहा। वहीं आस्ट्रेलिया को मैच जीतने को आखिरी विकेट लेने के लिए 69 गेंद मिले लेकिन रिकी पोंटिंग के गेंदबाज जेम्स एंडरसन और मोंटी पनेसर का विकेट चटकाने में असफल रहे। इंग्लैंड को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लार्ड्स में 75 साल में पहली एशेज जीत की तलाश है जहां पर सीरीज का दूसरा टेस्ट खेला जाना है।
नाटकीय अंदाज में मैच के ड्रा हो जाने से निराश पोंटिंग ने विपक्षी टीम के रवैये की आलोचना की। उनका कहना था कि इंग्लैंड खेल समाप्ति से कुछ समय पूर्व मात्र तीन ओवर के अंतराल पर दो बार 12वें खिलाड़ी को भेजकर समय को बर्बाद करने का प्रयास करते हुए खेल भावना नहीं दिखाई। हालांकि पोंटिंग के हमवतन स्टीव वा के अलावा साथी खिलाड़ी नाथन हैरित्ज ने अपने ही कप्तान के विपरीत जाते हुए कहा कि हम भी अगर ऐसी स्थिति में होते तो यही रणनीति अपनाते। मेजबान कप्तान एंड्रयू स्ट्रास और कोच एंडी फ्लावर का कहना है कि हमने जानबूझकर कुछ नहीं किया था। खैर दोनों टीमें अपने फायदे के हिसाब से बयान दे रहे हैं। कंगारूओं को भले ही इस समय यह सब अच्छा नहीं लग रहा होगा लेकिन वे इतनी जल्दी कैसे भूल गए कि खुद मैच जीतने के लिए वे भी सारी खेल भावना को किस कदर दरकिनार कर दिया करते थे। जेंटलमैन गेम में गाली-गलौज और छींटाकशी के आगे ऐसी हरकतें तो कुछ भी नहीं है।
ब्रिटिश मीडिया मेजबान टीम के समर्थन में पिछले काफी दिनों से प्रचार में जुटी थी लेकिन कार्डिफ में खेले गए पहले टेस्ट के शुरुआती दिन के प्रदर्शन को छोड़ दिया जाए तो बाकी दिन एंड्रयू स्ट्रास की टीम संघर्ष करती नजर आई। एशेज शुरू होने से पूर्व इंग्लैंड की टीम जिससे इतरा रही थी वह थी उसकी गेंदबाजी। लेकिन मुकाबला जब शुरू हुआ तो आस्ट्रेलिया की पहली पारी सिमटाने में लगातार दो दिन तक पूरा जोर लगाने के बावजूद सिर्फ छह विकेट ही गिरा पाए। वहीं जवाब में कंगारूओं ने चार शतक ठोक डाले। दो शतक तो पुराने प्रतिष्ठित बल्लेबाजों के बल्ले से आए तो दो शतक नवोदित बल्लेबाजों ने बनाए।
एशेज से पूर्व टीम के गिरते-चढ़ते प्रदर्शन के बीच दबाव झेल रहे रिकी पोंटिंग ने बेहतरीन बल्ेबाजी का मुजाहरा करते हुए 150 रन बनाकर कैरियर का 38वां शतक ठोका। पोंटिंग इसके बाद शतक के मामले में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से चार शतक ही पीछे हैं। पोंटिंग एक और उपलब्धि से मात्र 65 रन दूर हैं। वह हमवतन महान बल्लेबाज एलन बोर्डर के सर्वाधिक व्यक्तिगत रन के आस्ट्रेलियाई रिकार्ड को अगले मैच में ही तोड़ सकते हैं। दूसरा शतक सलामी बल्लेबाज साइमन काटिच के बल्ले से आया जिन्होंने पोंटिंग के साथ 239 रन की साझेदारी निभाई। पहला टेस्ट खेल रहे मार्कस नार्थ और ब्राड हैडिन ने विकेट पर टिक कर अंगरेज गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया।
कमजोर गेंदबाजी की आलोचना झेल रही मेहमान टीम के गेंदबाजों ने अपेक्षाकृत बेहतरीन गेंदबाजी की और इंग्लैंड के 19 विकेट चटका दिया। हालांकि आखिरी विकेट कंगारूओं के लिए इनके लिए नासूर साबित हुआ जिसे वे उखाड़ नहीं पाए। इंग्लैंड के लिए पॉल कोलिंगवुड [64 व 74 रन] को छोड़ कोई भी क्रिकेटर प्रभाव नहीं छोड़ सका। केविन पीटरसन ने पहली पारी में पचासा जरूर लगाया लेकिन टीम की संभावित हार के समय योगदान नहीं दे सके।
पहला टेस्ट खत्म हो गया है और दूसरा टेस्ट बृहस्पतिवार से लार्ड्स में खेला जाएगा। 14 साल बाद एशेज सीरीज का पहला टेस्ट ड्रा रहा है। इसलिए यह मुकाबला बहुत रोचक होने की संभावना है। जीत के बेहद नजदीक पहुंच कर जीत से वंचित होने का गम जरूर आस्ट्रेलियाइओं को होगा लेकिन मैच बचाने में सफल रहे इंग्लैंड की थिंक टैंक पर भी चिंता की लकीरें होंगी। उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी फ्लाप रही। चोटिल होने के कारण दिग्गज आलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटाफ भी अगले टेस्ट में नहीं खेल रहे हैं। कार्डिफ टेस्ट के अंतिम दिन सुबह अभ्यास के दौरान केविन पीटरसन और मिशेल जानसन के बीच जोरदार तरकार हुई थी इससे दोनों ओर माहौल गर्म जरूर होगा। और कुल मिलाकर लार्ड्स में जब दोनों टीमें उतरेंगी तो स्टेडियम में खचाखच भरे दर्शकों की उपस्थिति के बीच मुकाबला शानदार होने की उम्मीद तो की जा सकती है।
लेख को दर्जा दें
दर्जा दें(16) वोट का औसत
Saving...
|



