जीवंत विकेट से होगा क्रिकेट का भला   
 
 

(सुनील गावस्कर की कलम से)

बढि़या विकेट पर ही शानदार क्रिकेट का मैच देखने को मिलता है। जैसा कि पिछले दिनों चैंपियंस लीग के दौरान हैदराबाद में अच्छे क्रिकेट विकेट पर शानदार खेल के महत्व का प्रभाव दिखा। इसके साथ ही नागपुर में भारत और आस्ट्रेलिया के बीच दूसरे वनडे मैच में शानदार क्रिकेट देखने को मिला। इन दोनों मैदानों के विकेट काफी सख्त थे।

इसके अलावा इनमें अच्छी उछाल व मूवमेंट भी थी, जिससे बल्लेबाजों को गेंद खेलने में काफी सहूलियत हुई। विकेटकीपर को भी विकेट के पीछे गेंद पकड़ने में कोई दिक्कत नहीं हुई। सच माने तो इस तरह के विकेट पर ही शानदार मैच देखने को मिल सकता है। जहां तेज गेंदबाजों के लिए भी कुछ न कुछ मौजूद रहता है वहीं फिरकी गेंदबाज भी अनुकूल हालात से फायदा उठाने को हर पल तैयार रहते हैं। ऐसी स्थिति में गेंदबाजों को कुछ विशेष उछाल व स्पिन मिलती है, जबकि बल्लेबाजों को बढि़या व तेज शाट खेलने का मौका मिलता है क्योंकि गेंद बल्ले पर आसानी से आती है।

अच्छे बल्लेबाजों को तो इस तरह की पिच पर शाट खेलने में सुविधा होती है। फिर एक बेहतरीन मैच देखने को मिलता है, जिससे दर्शकों का भरपूर मनोरंजन होता है। इसलिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड [बीसीसीआई] को अच्छे विकेट तैयार करने वाले क्यूरेटरों को सम्मानित करना चाहिए, ताकि इससे जुड़े अन्य लोग भी इस पर अमल कर सके। इस तरह के विकेट पर बल्लेबाजों व गेंदबाजों को बराबरी का मौका मिलता है।

यह सच है कि भारत एक विशाल देश है और यहां सभी राज्यों की मिट्टी एक समान नहीं है। ऐसे में क्षेत्रवार विकेट के मिजाज में अंतर हो सकता है। मिट्टी व नमी में भले ही अंतर हो सकता है मगर अन्य चीजों में तो एकरूपता हो ही सकती है। देश के कुछ भागों में असामान्य मानसून भी अच्छी पिच की तैयारी में मददगार हो सकता है। यदि हैदराबाद में अच्छी पिच बनाई जा सकती है तो फिर देश के अन्य भागों में बढि़या विकेट तैयार करने में कोई खास दिक्कत नहीं होनी चाहिए। साथ ही क्यूरेटरों को भी पिच बनाने में पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। हालांकि अच्छी टीम किसी भी पिच पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इतना ही नहीं हैदराबाद व नागपुर जैसे विकेट पर ही प्रथम श्रेणी के मैच भी होने चाहिए। साथ ही जूनियर स्तर के मैच भी इस तरह के पिच पर हो तो अच्छा होगा। इस तरह के स्तरीय विकेट पर घरेलू मैच खेलने के बाद खिलाडि़यों को विदेशी दौरे में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।

[पीएमजी]

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