[रवि शास्त्री की कलम से]
टीम इंडिया सीरीज पर मजबूत नियंत्रण करने की ओर बढ़ती दिख रही है। भारतीय बल्लेबाजी अपने रंग में लौट रही है, जो आस्ट्रेलिया के लिए निश्चित ही चिंता का सबब है। रिकी पोंटिंग अपनी टीम के मध्यक्रम को लेकर भी परेशान होंगे, जिसमें माइक हसी, शेन वाटसन और खुद कप्तान पर काफी अधिक जिम्मेदारी है।
आस्ट्रेलियाई कप्तान की निराशा तभी जाहिर हो गई थी, जब उन्होंने फिरोजशाह कोटला मैदान की पिच का निरीक्षण करते हुए इस पर 220 रन के आसपास बनने की बात कही थी। यही वजह थी कि मेहमान अनावश्यक रूप से अत्यधिक सतर्क होकर खेले और इसी का उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। मुझे लगता है कि आस्ट्रेलिया को सलामी बल्लेबाज के तौर पर एक बाएं हाथ के बल्लेबाज को मौका देना चाहिए। इसके लिए मेरी पसंद शान मार्श है।
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी का शानदार प्रदर्शन कोटला में भी जारी रहा। मगर उन्हें अपना अच्छा प्रदर्शन नियमित रूप से आगे के मैचों में भी जारी रखना होगा। मध्यक्रम में युवराज सिंह की उपस्थिति हमेशा ही उपयोगी होती है। वह नागपुर में भी अच्छी लय में थे, लेकिन एक शानदार कैच ने उनकी पारी खत्म कर दी। यहां उन्होंने सतर्क शुरुआत कर सही समय पर रन गति तेज की। गेंदबाज के तौर पर भी वे परिपक्व हो गए हैं। इस समय टीम इंडिया का यह पोस्टर ब्वाय अपने करियर के चरम पर है।
आस्ट्रेलिया के लिए नाथन हौरित्ज लगातार सुधार कर रहे हैं। हरभजन सिंह भी तीसरे वनडे में अपने प्रदर्शन से खुश होंगे। युवी के अतिरिक्त स्पिन विभाग में उनका साथ देने के लिए सुरेश रैना और रविंद्र जडेजा उपयुक्त खिलाड़ी हैं, जिन्होंने आस्ट्रेलिया की काफी समस्या बढ़ा दी है। ब्रेट ली के बाहर होने के बाद डेथ ओवरों में खराब प्रदर्शन से जूझ रहे पोंटिंग अभी तक इस बीमारी की दवा नहीं ढूंढ पाए हैं। विश्व चैंपियन आस्ट्रेलिया मोहाली में वापसी के लिए पूरा जोर लगाएगी।
[टीसीएम]
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