हैदराबाद। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर [175] के आतिशी व साहसिक 45वें शतक के बावजूद टीम इंडिया ने एक बार फिर जीत के बेहद नजदीक पहुंच कर आस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचवें एकदिवसीय मुकाबला तीन रन से गंवा दिया। इस जीत से कंगारूओं ने सात मैचों की वनडे सीरीज में वापसी करते हुए 3-2 से बढ़त बना लिया है।
जीत के लिए मिले 351 रन के विशाल लक्ष्य का डटकर सामना करते हुए तेंदुलकर और सुरेश रैना [59] ने पांचवें विकेट के लिए तेजी से 114 गेंद में 137 रन बनाकर भारत को मंजिल के बेहद करीब पहुंचाया। लेकिन 48वें ओवर में 332 के स्कोर पर सचिन के गैरजरूरी शाट पर आउट होने से मैच का नक्शा बदल गया। भारतीय टीम 49.4 ओवर में 347 रन पर सिमट गई। आखिरी ओवर में भारत को आठ रन चाहिए थे लेकिन नाटकीय घटनाक्रम में प्रवीण चौथी गेंद पर दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से रन आउट हुए तो खचाखच भरे स्टेडियम में बैठे हजारों दर्शकों और टीवी पर नजरें गड़ाएं उन करोड़ों क्रिकेटप्रेमियों को सांप सूंघ गया जो इतिहास रच रहे सचिन की इस पारी के गवाह रहे थे। भारत सीरीज के पहले मुकाबले में भी जीत के नजदीक पहुंचकर चार रन से हार गया था।
इससे पहले शान मार्श के पहले शतक [112] और शेन वाटसन [93] के साथ हुई पहले विकेट की 145 रन की शतकीय साझेदारी और भारत के लचर क्षेत्ररक्षण की बदौलत आस्ट्रेलिया चार विकेट पर 350 रन का विशाल स्कोर बनाने में सफल रहा।
जीत भले ही आस्ट्रेलिया की झोली में गई हो लेकिन क्रिकेटप्रेमियों का दिल निस्संदेह तेंदुलकर ने जीता जो सात के स्कोर पर पहुंचते ही वनडे क्रिकेट के इतिहास में 17,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय सरजमीं पर 6000 रन भी पूरे कर लिए। अपने पुराने फार्म में नजर आए इस चैंपियन बल्लेबाज ने सिर्फ 141 गेंद में 175 रन की पारी खेली जिसमें 19 चौके और चार छक्के शामिल थे। उनका पूरा साथ दिया रैना ने जिसने 59 गेंद में तीन चौकों और तीन छक्कों की मदद से 59 रन बनाए।
वीरेंद्र सहवाग [30 गेंद में 38 रन] और तेंदुलकर से अच्छी शुरुआत मिलने के बाद भारत ने मध्यक्रम में जल्दी विकेट गंवा दिए। फिट होकर लौटे गौतम गंभीर [8], युवराज [9] और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी [6] कोई कमाल नहीं कर सके। दूसरे छोर से हालांकि तेंदुलकर ने रनगति बनाए रखी और मैच पर से मेजबान की गिरफ्त ढीली नहीं होने दी। चार विकेट 162 के स्कोर पर गिरने के बाद वह और रैना भारत को 43वें ओवर में 299 के स्कोर तक ले गए।
एक समय 45 गेंद में जीत के लिए 52 रन की जरूरत थी लेकिन वाटसन ने इस ओवर में दोहरे झटके देकर मेहमान टीम को मैच में लौटाया। पहले रैना ने विकेट के पीछे ग्राहम मनाउ को कैच थमाया और फिर पिछले कुछ मैचों से शानदार बल्लेबाजी कर रहे हरभजन सिंह [0] इसी अंदाज में पवेलियन लौटे। तेंदुलकर के टिके होने से भारत की उम्मीदें अभी भी कायम थी। लेकिन 48वें ओवर की पहली ही गेंद पर मैक्के की गेंद पर पैडल स्कूप शाट खेलने के प्रयास में उन्होंने शार्ट फाइन लेग पर खड़े हाउरित्ज को आसान कैच थमा दिया।
सपाट पिच पर टास जीतकर पहले बल्लेबाजी का आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग का फैसला एकदम दुरूस्त रहा और दोनों सलामी बल्लेबाजों ने भारत की दिशाहीन गेंदबाजी और लचर क्षेत्ररक्षण का जमकर फायदा उठाते हुए चारों ओर रन बनाए।वाटसन खास तौर पर काफी आक्रामक नजर आए जिन्होंने आशीष नेहरा और प्रवीण कुमार की गेंदों की जमकर धुनाई की। मार्श ने 93 रन की अपनी पारी में 54 रन सिर्फ चौके छक्के के दम पर बनाए। उन्होंने 89 गेंदों का सामना करके अपनी पारी में नौ चौके और तीन छक्के जड़े। वहीं मार्श ने सूत्रधार की भूमिका निभाते हुए 112 गेंद में आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से 112 रन बनाए। कप्तान रिकी पोंटिंग ने 45 गेंद में 45 और कैमरून व्हाइट ने 33 गेंद में 57 रन बनाए। व्हाइट ने अपनी विस्फोटक पारी में पांच छक्के और दो चौके लगाए जबकि माइक हसी 22 गेंद में 31 रन बनाकर नाबाद रहे।
भारतीयों ने चार कैच टपकाकर आस्ट्रेलिया की बड़ा स्कोर बनाने की राह खुद आसान कर दी। भारत के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षकों में शुमार युवराज ने वाटसन का रिटर्न कैच उस समय छोड़ा जब उन्होंने सिर्फ तीन रन बनाए थे। वाटसन ने इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाते हुए आक्रामक पारी खेली। आस्ट्रेलिया के 50 रन 10वें ओवर में और 100 रन 16वें ओवर में बने। हरभजन ने बीच के ओवरों में रनगति पर कुछ अंकुश लगाया। उन्होंने वाटसन को आउट करके पहले विकेट की साझेदारी को भी तोड़ा। रविंदर जडेजा ने उनका कैच लपका।
भारतीय गेंदबाज पूरी तरह लयहीन नजर आए। सीरीज में पहला मैच खेल रहे मुनफ पटेल और रविंदर जड़ेजा खास तौर पर काफी महंगे साबित हुए। गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन के साथ क्षेत्ररक्षक भी काफी ढीले दिखे। धौनी ने हरभजन की गेंद पर मार्श का कैच टपकाया जब उन्होंने सिर्फ 29 रन बनाए थे। आस्ट्रेलिया का स्कोर उस समय 16वें ओवर में 100 रन था। इसके बाद युवराज की गेंद पर शार्ट एक्स्ट्रा कवर में वीरेंद्र सहवाग ने उनका कैच छोड़ा जब वह 52 रन पर खेल रहे थे। युवराज ने वाटसन को 90 के स्कोर पर भी जीवनदान दिया। इसका हालांकि वाटसन फायदा नहीं उठा सके और तीन रन का इजाफा करके पवेलियन लौट गए। हरभजन और युवराज ने 19वें से 29वें ओवर के बीच में कोई चौका नहीं लगने दिया लेकिन व्हाइट और पोंटिंग ने बाद में सारी कसर निकाल दी। हस्सी ने भी उनका बखूबी साथ दिया।
स्कोर बोर्ड
आस्ट्रेलिया 50 ओवर में चार विकेट खोकर 350 रन
वाटसन का जडेजा बो हरभजन 93
मार्श का गंभीर बो नेहरा 112
पोंटिंग बो प्रवीण 45
व्हाइट का तेंदुलकर बो प्रवीण 57
हसी नाबाद 31
अतिरिक्त: 12
विकेट पतन: 1-145, 2-236, 3-270, 4-350।
गेंदबाजी
प्रवीण 9-0-68-2
नेहरा 10-0-79-1
मुनफ 9-0-73-0
जडेजा 5-0-44-0
हरभजन 10-0-44-1
युवराज 7-0-36-0
भारत 49.4 ओवर में 347 रन पर आल आउट
सहवाग का बोलिंगर बो हिलफेंहास 38
तेंदुलकर का हाउरित्ज बो मैक्के 175
गंभीर का हेलफिलहेंस बो मैक्के 8
युवराज का एंड बो वाटसन 9
धौनी का वोग्स बो मैक्के 6
रैना का मनाउ बो वाटसन 59
हरभजन का मनाउ बो वाटसन 0
जडेजा रन आउट 23
प्रवीण रन आउट 9
नेहरा का हसी बो बोलिंगर 1
मुनफ नाबाद 2
अतिरिक्त: 17
विकेट पतन: 1-66, 2-92, 3-126, 4-162, 5-299, 6-300, 7-332, 8-333, 9-335, 10-347।
गेंदबाजी
हेलफिलहेंस 10-0-72-1
बोलिंगर 10-0-75-1
मैक्के 10-0-59-3
वाटसन 8.4-0-47-3
हाउरित्ज 5-0-43-0
वोग्स 3-0-19-0
हसी 3-0-26-0
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