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सचिन के राज्यसभा जाने के फैसले पर मांजरेकर हैरान

सचिन के राज्यसभा जाने के फैसले पर मांजरेकर हैरान

नई दिल्ली। कई पूर्व क्रिकेटर और खिलाड़ी भले ही सचिन तेंदुलकर को राज्यसभा सदस्य मनोनीत करने के फैसले का स्वागत कर रहे हों लेकिन पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर का कहना है कि वह मास्टर ब्लास्टर के सरकार का प्रस्ताव स्वीकार करने के फैसले पर हैरान हैं।

सचिन के साथ खेल चुके मांजरेकर यह विचार रखने वाले अकेले नहीं हैं, कई अन्य ने भी मांजरेकर की बात का समर्थन किया है और उनका कहना है कि तेंदुलकर सार्वजनिक मुद्दों पर अपना नजरिया व्यक्त करने के लिए नहीं जाने जाते। तेंदुलकर के बारे में प्रतिक्रिया पूछने पर मांजरेकर ने कहा, असल में [मैं] इस खबर से हैरान हूं। पहले इस मनोनयन से, क्योंकि बिना पूर्व जानकारी के अचानक से ऐसा हुआ। और सचिन का इस प्रस्ताव को स्वीकार करना ज्यादा हैरानी भरा है। मांजरेकर ने कहा, जब मैं देखता हूं कि सचिन संन्यास लेने के बाद क्या कर सकते हैं तो मैंने सोचा था कि शायद कुछ क्रिकेट से जुड़ा हुआ, कोचिंग और उसके बाद कुछ और काम या सामाजिक। लेकिन संन्यास के बाद या करियर के इस स्तर पर राज्यसभा सदस्य बनना कुछ ऐसा है जिसके बारे में मैं कोई अनुमान नहीं लगा सकता था।हालांकि मांजरेकर ने कहा कि अगर तेंदुलकर चाहेंगे तो वह संसद में कार्यवाही में भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा, अब वह भारत के सभी मैचों में नहीं खेलते हैं। वह रणजी ट्राफी में मुंबई के लिए नहीं खेलते हैं। अगर वह समय निकालना चाहते हैं तो वह ऐसा कर सकते हैं और लोग भी ऐसी ही उम्मीद करते हैं। वह संसद के हर सत्र में हर दिन नहीं जाएंगे। वह पर्याप्त समय तो निकाल सकते हैं। मांजरेकर ने कहा कि लेकिन इससे मैं पूरी तरह से आश्चर्यचकित हूं। मैं उन्हें एक खास तरह के व्यक्ति के तौर पर जानता हूं। उन्होंने कहा कि यह सचिन के लिए अलग तरह की चुनौती होगी क्योंकि वह स्वभाव से शांत हैं और वह क्रिकेट से जुड़े मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया नहीं देते हैं। क्रिकेट कमेंटेटर और विश्लेषक हर्षा भोगले का मानना है कि तेंदुलकर के पास एक सक्रिय सांसद बनने का अनुभव नहीं है। भोगले ने कहा, कई लोग अब तेंदुलकर से फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि क्या यह अच्छा विचार है। अगर राज्यसभा में सचिन को सीट देकर उन्हें सम्मान देने का विचार है तो ठीक है लेकिन अगर आप तेंदुलकर को सक्रिय सांसद के रूप में और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान देते हुए देखना चाहते हैं तो इसके लिए उनके पास अनुभव नहीं है। भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने कहा कि तेंदुलकर देश में खेल की दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। चोपड़ा ने कहा, तेंदुलकर ने मनोनयन स्वीकार कर लिया। मुझे लगता है कि उन्होंने खेल की दुनिया में बदलाव के लिए यह स्वीकार किया है।

विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने ट्विटर पर लिखा, राज्यसभा सदस्य के खिलाफ मेरा पहला आईपीएल मैच। उम्मीद है कि मौसम अच्छा रहेगा और आज हम पूरा मैच खेलेंगे। भारतीय फुटबाल टीम के पूर्व खिलाडी बाईचुंग भूटिया और आईपीएल में रायल चैलेंजर्स बेंगलूर फेंचाइजी के मालिक विजय माल्या ने तेंदुलकर के राज्यसभा सदस्य बनने पर खुशी जताई। उधर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा, [मैं] सचिन को [राज्यसभा के लिए] मनोनीत करने को लेकर हायतौबा देखकर आश्चर्य महसूस कर रहा हूं। हालंाकि उमर का मानना है कि इस दिग्गज क्रिकेटर को संसद के ऊपरी सदन के बजाय भारत रत्न दिया जाना चाहिए था। मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे लगता है कि उन्हें इसके बजाय भारत रत्न दिया जा सकता था।

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