| प्रभु के प्रेम पात्र बनो |
| प्रेम के पथ में यह गुंजाइश नहीं है कि प्रभु की कोई भी वस्तु प्यारी न लगे। इस गतिशील जगत की ओर दौडने की चेष्टा में हम व्यर्थ ही प्राणशक्तिगंवा रहे हैं। जो भी परिस्थिति मिली है, उसका सदुपयोग करके, |
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| मुक्तिदायिनी है बाबा विश्वनाथ की काशी |
| काशी संसार की सबसे पुरानी नगरी है। विश्व के सर्वाधिक प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद में काशी का उल्लेख मिलता है-काशिरित्ते.. आप इवकाशिनासंगृभीता:।पुराणों के अनुसार यह आद्य वैष्णव स्थान है। पहले यह भगवान विष्णु (माधव) की पुरी थी। जहां श्रीहरिके आनंदाश्रु गिरे |
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| श्रीहनुमानचालीसा |
| दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार॥ चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक |
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