लुधियाना। लाडोवाल स्थित इक जोत सत्संग घर में मंगलवार को रुहानी सत्संग का आयोजन किया गया। जिसमें प्रवचन करते हुए महाराज कमलबीर ने कहा कि हमारे मन पर अनेक प्रकार की मैल चढी हुई है। यह मैल बुरे विकारों एवं
बनारस। गंगा हमारी सांस्कृतिक चेतना की प्रतीक हैं। काशी में गंगा का जब प्रवेश होता है तो वे यहां आकर उत्तर वाहिनी हो जाती हैं। इसका मतलब यह है कि गंगा अपने उद्गम को देखने लगती हैं। नदियां जब अपने
गौतमबुद्ध नगर। गौतमबुद्ध नगर में यूं तो कई मंदिर है परंतु कुछ मंदिर बहुत ही खास है। जैसे- 1-बिसरख का शिव मंदिर:- दिल्ली से करीब 25 किमी की दूर पर बिसरख गांव में एक शिवमंदिर है। जिस मंदिर में प्रतिदिन
पूजा के अंत में हम सभी भगवान की आरती करते हैं। आरती के दौरान कई सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है। इन सबका विशेष अर्थ होता है। ऐसी मान्यता है कि न केवल आरती करने, बल्कि इसमें शामिल होने पर भी बहुत पुण्य मिलता है। किसी भी देवता की आरती करते समय उन्हें 3 बार पुष्प अर्पित करें। इस दरम्यान ढोल, नगाड़े, घडि़याल आदि भी बजाना चाहिए।