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भीतर के सुधारों से सुधरता है जीवन

लाइन पार शिव मंदिर में प्रवचन सुनाते हुए पंडित जयभगवान कसारिया ने कहा कि यह बात माननी चाहिए कि हमारा बाह्य जीवन अनेक भागों में विभक्त होता है,पर उसकी जड़ एक ही जगह रहती है। जैसे खून तो सारे शरीर में दौड़ता रहता है,पर उसका कंट्रोल हृदय से ही होता है।
रहस्यमय है मिस्टिक रोज ध्यान

रहस्यमय है मिस्टिक रोज ध्यान

मिस्टिक रोज पढ़कर आप सोच रहे होंगे कि जरूर यह किसी रहस्यमयी गुलाब की कहानी होगी। लेकिन यह गुलाब नहीं है, बल्कि ध्यान की अवस्था में ले जाने की एक सरल प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया को अपनाकर हम गुलाब की तरह सुगंधित और सुवासित हो सकते हैं।
अमरनाथ : चलो बुलावा आया है..

अमरनाथ : चलो बुलावा आया है..

मान्यता है कि एक बार देवी पार्वती ने शिव से प्रश्न किया कि आपके अमर होने की क्या कथा है? पहले तो उन्होंने बताने से इंकार कर दिया, लेकिन पार्वती के बार-बार आग्रह करने पर वे कथा सुनाने के लिए राजी हो गए।
आरती क्यों और कैसे?

आरती क्यों और कैसे?

पूजा के अंत में हम सभी भगवान की आरती करते हैं। आरती के दौरान कई सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है। इन सबका विशेष अर्थ होता है। ऐसी मान्यता है कि न केवल आरती करने, बल्कि इसमें शामिल होने पर भी बहुत पुण्य मिलता है। किसी भी देवता की आरती करते समय उन्हें 3 बार पुष्प अर्पित करें। इस दरम्यान ढोल, नगाड़े, घडि़याल आदि भी बजाना चाहिए।
 
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