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बिना कहे सहायता करने में ही है मित्र भाव की श्रेष्ठता

बहादुरगढ [जागरण संवाद केंद्र]। स्थानीय नई बस्ती स्थित बांके बिहारी मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रवचनों में कृष्ण-सुदामा प्रसंग की व्याख्या करते हुए पंडित गोविन्दरामने कहा कि गरीब मित्र को गले लगाना ही भक्ति व प्रेम है। प्रभु के
नवरात्र में उपवास

नवरात्र में उपवास

आगामी 16 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इसी दिन से नव-संवत्सर भी आरंभ हो रहा है। नवरात्र में हम शक्ति की देवी दुर्गा की उपासना करते हैं। इस दौरान कुछ भक्तगण नौ दिनों का उपवास रखते हैं, तो कुछ सिर्फ पहले और अंतिम दिन उपवास रखते हैं।
..जब धरा गोपिका का रूप

..जब धरा गोपिका का रूप

वृंदावन में यमुना किनारे वंशीवट क्षेत्र में है गोपीश्वर महादेव मंदिर। यह मंदिर पांच हजार वर्ष पुराना है। यहां भगवान महादेव पार्वती, गणेश, नंदीश्वर के साथ विराजमान हैं। कथा है कि कृष्ण-राधा और अन्य गोपिकाओं की रासलीला देखने के लिए भगवान महादेव अपनी समाधि भंग कर कैलाश से सीधे वृंदावन चले आए।
आरती क्यों और कैसे?

आरती क्यों और कैसे?

पूजा के अंत में हम सभी भगवान की आरती करते हैं। आरती के दौरान कई सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है। इन सबका विशेष अर्थ होता है। ऐसी मान्यता है कि न केवल आरती करने, बल्कि इसमें शामिल होने पर भी बहुत पुण्य मिलता है। किसी भी देवता की आरती करते समय उन्हें 3 बार पुष्प अर्पित करें। इस दरम्यान ढोल, नगाड़े, घडि़याल आदि भी बजाना चाहिए।
 
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