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उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों मे बर्फवारी के चलते चारधामों के कपाट हमेशा की तरह भले ही अगले छह माह के लिए बंद हो गए हो, लेकिन श्रद्धालु चाहे तो सर्दियों में भी इन पवित्र धामों के आराध्य-देवो के दर्शनों का पुण्य कमा सकते हैं।  
उत्तराखंड में चारधाम के तहत यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तीर्थो के अतिरिक्त पंच केदारों में द्वितीय केदार के रूप में मान्यता प्राप्त मदमहेश्वर मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने के बाद भगवान की डोली रांसी के लिए शनिवार को रवाना कर दी गई।  
देहरादून। उत्तराखंडमें चार धाम तीर्थयात्रा के रूप में विख्यात यमुनोत्री,गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तीर्थो की यात्रा मंगलवार को बद्रीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के साथ ही समाप्त हो गई। यमुनोत्री,गंगोत्री और केदारनाथ के कपाट पहले ही बंद हो चुके  
नई दिल्ली/जैतो। सोमवतीअमावस्या के पावन अवसर पर सोमवार को देश के विभिन्न जगहों में लोगों ने श्रद्धा व आस्था के साथ नदियों, सरोवरों आदि में स्नान किया। अहले सुबह लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवरों तथा गंगा नदी में डुबकी लगाई।  
करोड़ों हिन्दुओं की आस्था के सर्वोच्च प्रतीक भगवान विष्णु के धाम बद्रीनाथ मंदिर के कपाट को शीतकाल के लिए बंद करने के लिए मंदिर परिसर में आवश्यक तैयारी शुरू कर दी गई है। बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अनुसूया प्रसाद भटट ने बताया कि बद्रीनाथ के कपाट आगामी 17 नवंबर को अपराह्न तीन बजकर चालीस मिनट पर बंद किए जाएंगे।  
 
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