गढमुक्तेश्वर।गढमुक्तेश्वरमें लगे गंग मेले में रात- दिन साधु-संतों और दूरदराज के जगहों से आए श्रद्धालुओं के चलते काफी चहल-पहल बनी हुई है। रात की ठंडी हवाओं के बीच श्रद्धालुओं के द्वारा शरीर पर पहने कपडों को एक तरफ रखते हुए गंगा मैया में स्नान किया जा रहा है।
या फिर गंगा घाट के किनारे साधु-संत रात के सन्नाटे के बीच पूजा कराते हुए दिखाई दे रहे हैं।
बांसुरी तथा दूसरे खिलौनों के स्वर गंगा घाट के किनारे सुनने को मिल रहे है। धार्मिक मान्यताओं का असर किस कदर लोगों पर हाबी है। यह गढ मुक्तेश्वर में चल रहे मेले के दौरान देखने को मिल रहा है। वैसे शहरीकरणकी होती जिंदगी के बीच यदि किसी व्यक्ति को रात के वक्त चलने वाली ठंडी हवाओं के बीच स्नान करने के लिए कहा जाए तो शायद वह सहमत न हो, लेकिन इसके ठीक विपरीत स्थिति इन दिनों गढ मुक्तेश्वर के रेतीले हिस्से में गंगा के किनारे लगे मेले में देखने को मिल रही है।
रोशनी से जगमगाते गंगा के घाट पर ठंडी हवाओं एवं रात के वक्त भी श्रद्धालु न सिर्फ स्नान करते हुए बल्कि पूजा पाठ कराते हुए देखने को मिल रहे है। स्नान के बीच गंगा की लहरों के मध्य से हर हर गंगेतथा जय गंगा मैया का उदघोषकानों में सुनायी पड रहा है। गंगा घाट के किनारे बांस बल्ली से बेरिकेटिंगकी गई है तथा जगह जगह संकेतक लगे है कि आगे न बढे गहरा पानी है। नौका में सवार पीएसीवाहिनी के जवान गंगा किनारे नजर आ रहे है।
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