अमृतसर/नई दिल्ली। सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव के जन्मदिवस के अवसर पर सोमवार तडके से ही पंजाब व देश के विभिन्न हिस्सों के गुरुद्वारों में लाखों श्रद्धालुओं ने एकत्रित होकर गुरुपर्वहर्षोल्लास के साथ मनाया।
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के भीतर व बाहर श्रद्धालुओं की भारी भीड रही। विभिन्न शहरों, कस्बों और गांवों के सैकडों अन्य गुरुद्वारों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता देखा गया। श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारों की साफ-सफाई और आकर्षक सजावट की। गुरुद्वारा समितियों ने प्रभात फेरियोंका आयोजन किया जिनमें सिखों के साथ अन्य धर्मो के अनुयायी भी शामिल हुए। इस अवसर पर शबदगाए गए और प्रसाद वितरित किया गया।
गौर हो कि गुरुनानक देव का जन्म 1469में ननकानासाहिब [जो अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है] में हुआ था। पाकिस्तान की बिगडती सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा वहां ना जाने की सलाह देने पर भी यहां से करीब 2,000श्रद्धालु ननकानासाहिब गुरुद्वारे में मत्था टेकने गए हैं। इस अवसर पर सोमवार को पूरे पंजाब सहित देशभर के गुरुद्वारों में लंगर आयोजित किए गए हैं।
सिख समुदाय ने विश्वभरमें शबद-कीर्तनऔर लंगरों का आयोजन कर गुरुपर्वमनाया। उत्तरी दिल्ली निवासी हरप्रीतकौर का कहना है कि रविवार शाम से ही पर्व के आयोजनों की शुरुआत हो गई थी जो सोमवार रात तक चलते रहेंगे।
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