लखनऊ/गाजियाबाद। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और सरयू सहित विभिन्न नदियों में डुबकी लगाई और मंदिरों में पूजा-अर्चना की।
इलाहाबाद, हरिद्वार, पटना, वाराणसी में गंगा नदी के घाटों पर भी बडी संख्या में लोगों ने स्नान किया और मंदिरों में पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से जीवन के सारे पाप धुल जाते हैं और स्वास्थ्य एवं समृद्धि में वृद्धि होती है।
वहीं, उत्तरप्रदेश के गढमुक्तेश्वरमें कार्तिक पूर्णिमा पर 35लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पावन गंगा में डुबकी लगाई। रात 12बजे से शुरू हुआ स्नान करने का दौर सोमवार को देरशाम तक यथावत जारी रहा। घाट के किनारे चारों तरफ श्रद्धालुओं का सैलाब उमडा हुआ नजर आया। भारी तादाद में श्रद्धालुओं के पहुंचने के चलते गढ मुक्तेश्वर, ब्रजघाटतथा आस-पास के क्षेत्र में जाम की स्थित बनी रही।
पिछले एक सप्ताह से श्रद्धालुओं के पश्चिमी उत्तर प्रदेश,गाजियाबाद जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी गढ मुक्तेश्वर पहुंचने एवं स्नान का दौर बना हुआ है। हर तरफ श्रद्धालुओं की भीड देखने में आ रही थीं। रात के ठीक 12बजे कार्तिक पूर्णिमा लगते ही श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने का दौर आरंभ किया जो सोमवार को देरशाम तक यथावत जारी रहा।
उधर, अयोध्या में सुबह से ही सरयू नदी में स्नान के लिए लोगों का आना शुरू हो गया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने श्रीराम जन्मभूमि स्थल, हनुमानगढीसहित अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना की। लाखों लोगों के सरयू नदी में स्नान के लिए आने के मद्देनजर सुरक्षा के कडे प्रबंध किए गए।
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