| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 40 | | 12 | | 30.06 | |
| एमएनएफ | | 39 | | 21 | | 31.96 | |
| एमजेडपीसी | | 28 | | 03 | | 16.16 | |
| जेडएनपी | | 27 | | 02 | | 14.7 | |
| एचपीसी | | 01 | | 01 | | 0.52 | |
| एमडीएफ | | 02 | | 01 | | 1.95 | |
| भाजपा | | 08 | | 00 | | 1.87 | |
-मिजोरम के 2003 के विधानसभा चुनाव में मिजो नेशनल फ्रंट के नता पीयू जोरामथांगा ने लगातार दूसरी बार मिजोरम में अपनी राजनीतिक चातुर्यता का परिचय देते हुए कांग्रेस के सत्ता पाने के मंसूबे को ध्वस्त कर दिया। उनकी पार्टी ने 40 में से 21 सीटें जीती और फिर एक बार जोरामथांगा को राज्य का मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 40 | | 06 | | 29.77 | |
| एमएनएफ | | 28 | | 21 | | 24.99 | |
| एमजेडपीसी | | 28 | | 12 | | 20.44 | |
| निर्दलीय | | 44 | | 01 | | - | |
-1998 विधानसभा चुनाव में मिजो नेशनल फ्रंट ने 40 सीटों में 21 सीटें झटककर कांग्रेस के सरकार बनाने के मंसूबे पर पानी फेर दिया। कांग्रेस को 6 सीटों पर ही जीत मिली। वहीं मिजोरम पीपुल्स कांफ्रेंस को 12 सीटों पर सफलता मिली।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 28 | | 16 | | 33.10 | |
| एमएनएफ | | 38 | | 14 | | 40.41 | |
| निर्दलीय | | 47 | | 10 | | 23.38 | |
-मिजोरम के 1993 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि वह पूर्ण बहुमत से पांच सीट दूर थी लेकिन निर्दलीय के सहयोग से उसने सरकार का गठन किया। निर्दलीय उम्मीदवारों को 10 सीटें प्राप्त हुई जबकि मिजो नेशनल फ्रंट को 14 सीटों ही हासिल हुई।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 34 | | 23 | | 34.85 | |
| एमएनएफ | | 40 | | 14 | | 35.29 | |
| पीपीसी | | 38 | | 01 | | 19.67 | |
| निर्दलीय | | - | | 02 | | 10.19 | |
-मिजोरम के 1989 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दो तिहाई बहुमत हासिल करते हुए 23 सीटें जीती। जबकि मिजो नेशनल फ्रंट को 14 सीटों पर ही सफलता मिल सकी।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 40 | | 13 | | 32.99 | |
| पीपीसी | | 36 | | 03 | | 23.70 | |
| निर्दलीय | | 69 | | 24 | | 43.31 | |
-मिजोरम के 1987 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और पीपुल्स कांफ्रेंस को काफी पीछे छोड़ते हुए निर्दलियों ने 40 सीटों में 24 सीटों पर कब्जा जमा लिया। कांग्रेस और पीपुल्स कांफ्रेंस को क्रमश. 13 और सीटों से संतोष करना पड़ा।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 30 | | 20 | | 39.81 | |
| पीपीसी | | 27 | | 08 | | 35.54 | |
| निर्दलीय | | 77 | | 02 | | - | |
-मिजोरम के 1984 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 30 सीटों पर अपना कब्जा जमाया। वहीं पीपुल्स कांफ्रेंस को कुल आठ सीटों पर सफलता प्राप्त हुई। दो सीटें निर्दलीय के खाते में गई।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस[आई] | | 25 | | 05 | | 23.88 | |
| जेएनपी | | 30 | | 02 | | 13.09 | |
| पीपीसी | | 27 | | 18 | | 32.67 | |
| निर्दलीय | | - | | 05 | | - | |
-मिजोरम के 1979 के विधानसभा चुनाव में पीपुल्स के कांफ्रेंस ने 30 में से 18 सीटों पर कब्जा जमाया। कांग्रेस और जनता पार्टी को क्रमश: पांच और दो सीटों पर ही सफलता मिली। निर्दलीय को भी पांच सीटें प्राप्त हुई।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| पीपीसी | | 28 | | 22 | | 37.47 | |
| निर्दलीय | | 126 | | 08 | | 62.53 | |
-मिजोरम के 1978 के विधानसभा चुनाव में पीपुल्स कांफ्रेंस ने एकतरफा जीत दर्ज की। उसने 30 में से 22 सीटों पर कब्जा जमाया। निर्दलीय उम्मीदवारों को आठ सीटों पर सफलता मिली।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 29 | | 06 | | 30.91 | |
| निर्दलीय | | 108 | | 24 | | 67.55 | |
-मिजोरम के 1972 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला था। इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने कुल 30 में से 24 सीटें झटककर कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया। कांग्रेस को छह सीटें ही मिली।