| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 70 | | 47 | | 48.13 | |
| भाजपा | | 70 | | 20 | | 35.22 | |
| जद [एस] | | 12 | | 01 | | 0.75 | |
| एनसीपी | | 33 | | 01 | | 2.24 | |
| निर्दलीय | | - | | 01 | | - | |
-दिल्ली के 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार भाजपा को मात देते हुए शीला दीक्षित के नेतृत्व में सरकार बनाई। भाजपा की आपसी कलह और पार्टी में असंतोष की ही वजह थी जिससे उसे महज 20 सीटों से ही संतोष करना पड़ा।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 70 | | 52 | | 47.76 | |
| भाजपा | | 67 | | 15 | | 34.02 | |
| जनता दल | | 48 | | 01 | | 1.80 | |
| निर्दलीय | | - | | 02 | | - | |
-1998 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा से सत्ता छीनने में सफलता प्राप्त की। कांग्रेस ने 70 सीटों वाली विधानसभा में 52 सीटों पर कब्जा जमाकर शीला दीक्षित के नेतृत्व में सरकार बनाई। प्याज की बढ़ी कीमत के मुद्दे पर मात खाई भाजपा को महज 15 सीटें ही प्राप्त हो सकी।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 70 | | 14 | | 34.48 | |
| भाजपा | | 70 | | 49 | | 42.82 | |
| जनता दल | | 70 | | 04 | | 12.65 | |
| निर्दलीय | | - | | 03 | | - | |
-दिल्ली के 1993 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार सफलता हासिल की। पार्टी ने 70 सीटों में 49 सीटें जीती। जबकि कांग्रेस को 14 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। जनता दल को मात्र चार सीटें प्राप्त हुई।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 56 | | 34 | | 47.50 | |
| भाजपा | | 50 | | 19 | | 36.99 | |
| जेएनपी | | 37 | | 01 | | 3.66 | |
| एलकेडी | | 06 | | 02 | | 4.09 | |
-दिल्ली के 1983 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 58 में 34 सीटें जीतकर शानदार सफलता हासिल की। जबकि नवगठित भारतीय जनता पार्टी को 19 स्थानों पर जीत मिली। जनता पार्टी ने एक सीट जीती।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 52 | | 10 | | 36.15 | |
| जेएनपी | | 56 | | 46 | | 52.58 | |
-दिल्ली के 1977 के विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी ने भारी सफलता प्राप्त की। इंदिरा गांधी द्वारा देश में इमरजेंसी लगाए जाने के बाद देश भर में जबरदस्त आक्रोश था। इसी परिणाम था कि आम चुनाव के समय दिल्ली के विधानसभा चुनाव में विपक्षी पार्टी जनता पार्टी ने सफलता प्राप्त की। कांग्रेस को मात्र सीटें ही मिली।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 52 | | 44 | | 48.54 | |
| बीजेएस | | 56 | | 05 | | 38.47 | |
| सीपीआई | | 04 | | 03 | | 3.86 | |
| एनसीओ | | 19 | | 02 | | 1.96 | |
| निर्दलीय | | - | | 02 | | - | |
-दिल्ली के 1972 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 56 में से 44 सीटों पर कब्जा जमाकर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया। विपक्षी दलों में भारतीय जनसंघ, सीपीआई और एनसीओ को क्रमश: पांच, तीन व दो सीटों से ही संतोष करना पड़ा।
| पार्टियां | | चुनाव लड़े | | जीते | | वोट प्रतिशत | |
| कांग्रेस | | 47 | | 39 | | 52.09 | |
| बीजेएस | | 31 | | 05 | | 21.89 | |
| एचएमएस | | 05 | | 01 | | 1.32 | |
| एसपी | | 06 | | 02 | | 2.99 | |
| निर्दलीय | | - | | 01 | | - | |
-आजादी के बाद पहली बार दिल्ली के 1951 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 48 सीटों में 39 सीटें जीतकर अपना परचम लहराया। भारतीय जनसंघ को पांच सीटों पर ही जीत से संतोष करना पड़ा। जबकि अन्य पार्टियां अपनी उपस्थिति ही दर्ज करा सकी।