Dec 17, 2:26 pm
श्रीनगर [जागरण ब्यूरो]। केंद्रीय विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को आतंकियों को यंगर फ्रेंड्स पुकारते हुए उनसे मुख्यधारा में लौटने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब तक पांच चरणों के मतदान में लोगों की रिकार्डतोड़ भागीदारी ने लोकतंत्र के प्रति कश्मीरी अवाम की आस्था को साबित किया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में सुधरते हालात, विकास और चुनावों में लोगों की भागेदारी के लिए कांग्रेस-पीडीपी की गठबंधन सरकार की नीतियों को ही श्रेय दिया।
वह मंगलवार को कश्मीर में पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक हिस्सा हैं। यह हर जगह नियमित समय पर होते रहते हैं। लेकिन जम्मू कश्मीर में होने वाले चुनाव न सिर्फ राज्य में, देश में बल्कि दुनियाभर में सबके ध्यान का केंद्र होते हैं।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में अब तक पांच चरणों में लोगों ने बढ़चढ़कर भाग लेकर साबित किया है कि वह अमन, विकास और लोकतंत्र चाहते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में आम लोगों की इस भारीदारी के लिए कांग्रेस और पीडीपी की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए कार्यो को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि बेशक गठबंधन सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम उसकी उपलब्धियों को नजर अंदाज कर दें।
केंद्रीय विदेशमंत्री ने कहा कि चुनाव में कौन जीतेगा या कौन हारेगा, यह अभी तय होना है। कौन सरकार बनाए और कौन नहीं, इस पर भी अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन लोगों ने अपनी सरकार बनाने के लिए वोट दिया है। उन्होंने कहा कि इसलिए बंदूक उठाने वालों से मैं हिंसा का मार्ग त्याग मुख्यधारा में शामिल होने का आग्रह करता हूं। उन्होंने कहा माई डियर यंगर फ्रेंड्स शन द पाथ आफ वायलेंस एंड ज्वाइंन मेन स्ट्रीम। हिंसा से कुछ हासिल नहीं होने वाला। कश्मीर के लोग भी अब बंदूक से तंग आ चुके हैं और वह अमन चैन चाहते हैं।
इसी दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस और पीडीपी की गठबंधन सरकार ने जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2002 में सत्ता संभाली और बीते छह सालों के दौरान यहां बड़ी तेज गति से विकास योजनाएं लागू हुई। कश्मीर में मैनेजमेंट कालेज, एम्स के दर्जे के दो अस्पताल भी बने। रेलगाड़ी भी शुरू हुई। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की उम्मीदों के मुताबिक, श्रीनगर-मुजफ्फराबाद बस सेवा, एलओसी के आर-पार तिजारत भी शुरू हुई। उन्होंने कहा कि अब नई सरकार उन पांच कार्यसमूहों की सिफारिशों को भी लागू करेगी जो प्रधानमंत्री ने विभिन्न वर्गो को कश्मीर मसले के हल के लिए विश्वास में लेने के बाद गठित किए हैं।
|
| निजता नीति | | | सेवा की शर्तें | | | आपके सुझाव |
| इस पृष्ठ की सामग्री जजागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है |
| कॉपीराइट © 2008 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित |
| कॉपीराइट / IP नीति |