एक छोटा बच्चा बहुत देर से घर के बाहर खड़ा दरवाजे की घंटी बजाने की कोशिश कर रहा था। तो एक वृद्ध व्यक्ति आया और बोला- क्या कर रहे हो बेटा?
बच्चा- अंकल, ये घंटी बजाना चाहता हूं।
वृद्ध व्यक्ति (घंटी बजाकर)- ये तो बज गयी अब क्या है।
बच्चा- अब भागो!
पत्नी (पति से)- मुझे भिखारियों से नफरत है!
पति (पत्नी से)- क्यों??
पत्नी - कल मैंने एक भिखारी को खाना दिया था, आज उस भिखारी ने मुझे एक किताब उपहार में दी है खाना कैसे बनाए!!
नौकरानी- मालकिन! छोटे बेबी ने कॉकरोच खा लिया है..
मालकिन- हे भगवान! तुम जल्दी से डॉक्टर को बुलाओ।
नौकरानी- आप टेंशन न लो..मैंने छोटे बेबी को बेगोन पिला दिया है।
एक बार एक कवि सम्मेलन चल रहा था, बहुत से कवि बोर कर रहे थे, संता से जब नही रहा गया तो वो खुद स्टेज पर आया और बोला अब सुनिये..
एक कुत्ता..लोग बोले वाह.वाह.
संता फिर बोला एक कुत्ता, कुत्ते के ऊपर कुत्ता
लोग फिर बोले वाह..वाह..वाह..
संता फिर बोला कुत्ता, कुत्ते के ऊपर 2 कुत्ते, उनके ऊपर 3 कुत्ते, अब लोग चुप हो गये थोड़ी देर बाद एक आदमी बोला वाह..वाह..
संता जी फिर बोले कुत्ता, कुत्ते के ऊपर 2 कुत्ते, उनके ऊपर 3 कुत्ते, उनके ऊपर 4 कुत्ते.
सारे दर्शक परेशान होकर बोले, भाई ये कौन सा शेर हुआ?
संता जी- तू शेर मत सुन बैलेंस देख.....
डॉक्टर (मरीज से)- तबीयत कैसे है अब?
मरीज (डॉक्टर से)- पहले से ज्यादा खराब है।
डॉक्टर- दवाई खा ली थी क्या?
मरीज- नही दवाई की शीशी तो भरी हुई थी।
डॉक्टर- मेरा मतलब है दवा ले ली थी?
मरीज- जी आपने दी तो मैंने ले ली थी।
डॉक्टर- बेवकूफ दवाई पी ली थी?
मरीज- नही जी दवाई तो लाल थी?
डॉक्टर- अबे गधे दवाई को पी लिया था?
मरीज- नही साहब पीलिया तो मुझे था।
डॉक्टर- अरे दवा को मुंह से लगाकर पेट में डाला था।
मरीज- नही
डॉक्टर- क्यूं
मरीज- आपने ही तो कहा था शीशी को ढक्कन लगाकर रखना।
|