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पति ने पत्नी से कहा कि आज मैं सभापति बनूंगा।

पत्नी बेलन दिखाते हुए बोली आप मेरे पति हो किसी दूसरे के नही बन सकते।


कबाड़ी- बहन जी, घर में बेकार का फालतू सामान हो तो दे दीजिए।

महिला- तुम गलत समय पर आये हो वो अभी बाहर गये हैं।


संता (बंता से)- ओए बंते, तू दरवाजे पर इतनी हड़बड़ी में पेंट क्यों पोत रहा है?

बंता (संता से)- वो क्या है न कि पेंट कम है और मुझे डर है कि कही खत्म न हो जाए।


पिंटू (चिंटू से)- ये कैसे पता चलेगा कि सामने जो जानवर है वह बकरा है या बकरी।

चिंटू (पिंटू से)- सिंपल है, उसको पत्थर मारना यदि वह भागा तो बकरा और भागी तो बकरी।


एक औरत बड़ी हड़बड़ी में दंत चिकित्सक के क्लीनिक में पहुंची।

बोली- डॉक्टर साहब! मैं बहुत जल्दी में हूं। मुझे एक जरूरी मीटिंग में जाना है इसलिए एनस्थीसिया मत लगाइये और जल्दी से दांत बाहर निकाल दीजिये।

डॉक्टर ने मन ही मन कहा- कमाल की औरत है! फिर उस औरत से बोला- ठीक है, जैसी आपकी मर्जी। इस कुर्सी पर बैठ जाइये और बताइये कौन से दांत में दर्द है।

औरत ने दरवाजे के पास खड़े अपने पति को आवाज दी- चलो! डॉक्टर साहब को दांत दिखाओ।