
नई दिल्ली। 3 जी स्पेक्ट्रम विवाद का समाधान निकालने की खातिर संचार मंत्री ए.राजा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलेंगे। 3 जी दूरसंचार सेवाओं के क्षेत्र में विदेशी मोबाइल कंपनियों के प्रवेश को लेकर दूरसंचार विभाग और नियामक ट्राई के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं। ट्राई ने इस सेवा में विदेशी कंपनियों के प्रवेश का विरोध किया है। 3 जी मोबाइल फोन की आधुनिकतम तकनीक है। इसके जरिए डाटा को वर्तमान के मुकाबले 60 गुना अधिक तेजी से भेजा जा सकता है।
राजा ने कहा कि मैं स्वयं इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री पी चिदंबरम से विचार-विमर्श करना चाहता हूं कि 3जी सेवाओं के क्षेत्र में और कंपनियों को प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए या हमें ट्राई की सिफारिशों को स्वीकार करना चाहिए। ट्राई ने चेतावनी दी है कि विदेशी मोबाइल कंपनियों को 3जी क्षेत्र में अनुमति दिए जाने से सेवा का खर्च वहन करने के मामले में भारतीय टेलीकाम क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ेगा। ट्राई के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्र ने वित्त सचिव डी.सुब्बाराव को पत्र लिखकर 3 जी खंड में विदेशी कंपनियों के प्रवेश के प्रति आगाह किया है। दूरसंचार विभाग ने कहा कि यदि अतिरिक्त कंपनियों को अनुमति दी जाती है तो सरकार को और ज्यादा राजस्व प्राप्त होगा।