समाचार

नहीं मिलेगा नया रसोई गैस कनेक्शन

May 16, 08:10 pm
  Print

नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष में इंधन की बिक्री पर दो लाख करोड़ रुपये के भारी राजस्व नुकसान का सामना कर रही सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने निर्णय किया है कि वे अब नया घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी नहीं करेंगी।

इसके अलावा इन कंपनियों ने मौजूदा ग्राहकों के लिए कोटा तय करने का निर्णय किया है ताकि मौजूदा घाटे का स्तर आगे न बढ़े। एक उच्च अधिकारी ने बताया कि इंडियन आयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के मार्केटिंग निदेशकों ने पेट्रोलियम मंत्रालय को बृहस्पतिवार को दिए एक संयुक्त ज्ञापन में लागत घटाने के उपायों का सुझाव दिया। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और केरोसिन की बिक्री पर इन कंपनियों को प्रतिदिन 550 करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि क्रूड आयल के दाम दोगुने से ज्यादा होकर 120 डालर प्रति बैरल पहुंचने के बावजूद सरकार द्वारा तेल कंपनियों को कीमतें बढ़ाने से रोके जाने की वजह से इन तीनों कंपनियों को चालू वर्ष में दो लाख करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होने की संभावना है। पिछले साल इन कंपनियों को 77304.50 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियां अपना परिचालन जारी रखने के लिए हर महीने 3500 करोड़ रुपये कर्ज ले रही हैं। तीनों पीएसयू कंपनियों का कर्ज 65000 करोड़ रुपये पहुंच गया है। हमने ऐसे उपाय सुझाए हैं जिससे कम से कम नुकसान मौजूदा स्तर पर टिका रहे।

उन्होंने कहा कि नए एलपीजी कनेक्शन नहीं जारी किए जाने से प्रति सिलेंडर 305.90 रुपये का घाटा सीमित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा प्रति परिवार कोटा निर्धारित करने का भी सुझाव दिया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को सुझावों को अमल में लाने के लिए मंत्रालय की मंजूरी की जरूरत पड़ेगी।

  • निजता नीति
  • सेवा की शर्तें
  • आपके सुझाव
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2007 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित
कॉपीराइट / IP नीति