नई दिल्ली। देश के प्रमुख महानगरों में स्थित हवाईअड्डों पर सरकारी दबाव के बाद वैश्विक परिचालकों द्वारा दिन में और उड़ानें भरने के साथ विमानों का चौबीस घंटे का परिचालन शुरू कर दिया है। वैश्विक विमानन परिचालनकर्ताओं ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए दिन की उड़ानों में बढ़ोतरी की है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नागर विमानन मंत्रालय द्वारा इस दिशा में किए गए प्रयास सार्थक नजर आते दिखाई दे रहे हैं। नतीजतन देश में वैश्विक विमानन कंपनियों ने दिन में अपनी उड़ानों की संख्या में इजाफा किया है। इससे पहले अमूमन अधिकतर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन रात में होता था।
अंतरराष्ट्रीय नागरिक विमानन संगठन [आईसीएओ] में बतौर सदस्य की हैसियत से भारत ने दो वर्ष पहले आईसीएओ में पेपर सौंपा था। इसमें यूरोपीय एवं अमेरिकी हवाईअड्डों पर रात्रि के कर्फ्यू को समाप्त करने का सुझाव दिया गया था। सूत्रों के अनुसार सरकार का तर्क था कि पश्चिमी देशों की ऐसी अवधारणा विकासशील देशों के विमान परिचालनकर्ताओं एवं यात्रियों के लिए उचित नहीं है।
भारत के उक्त प्रयास को विभिन्न एशियाई देशों से काफी सहयोग भी हासिल हुआ है। सूत्रों ने बताया कि पश्चिमी हवाई अड्डों पर रात्रि कर्फ्यू की वजह से भारत से कोई भी विमान अपराह्न या सायंकाल के दौरान उड़ान नहीं भर सकती था। उन्होंने बताया कि पश्चिम के विमानन प्रशासन से भारत द्वारा रात में अपने हवाईअड्डों पर शोर एवं वायु प्रदूषण की वजह से विमानों का परिचालन बंद करने के परिणामों के बारे में विचार करने को कहा गया था।