नई दिल्ली। नए रसोई गैस कनेक्शन जारी न करने के तेल कंपनियों के फैसले को सरकार ने मंजूरी नहीं दी है। इस संबंध में शनिवार को जारी अपने स्पष्टीकरण में पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने नए गैस कनेक्शन रोकने अथवा सिलेंडर का कोटा तय करने का निर्णय नहीं लिया है।
इसमें कहा गया है कि तेल कंपनियां समय-समय पर मंत्रालय को अपनी तरफ से सुझाव देती रहती हैं। इंडियन आयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम व भारत पेट्रोलियम तेल कंपनियां सरकारी स्वामित्व में हैं। इसलिए कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले वह मंत्रालय के साथ विचार- विमर्श करती रहती हैं। कच्चे तेल के बढ़ते दामों के कारण हो रहे घाटे पर लगाम लगाने की खातिर तेल कंपनियों ने सरकार को सौंपे एक संयुक्त ज्ञापन में रसोई गैस के नए कनेक्शन पर रोक लगाने का सुझाव दिया था।
कंपनियों का कहना था कि इस कदम से उनको एक सिलेंडर की बिक्री पर हो रहे 305.90 रुपये के नुकसान से निजात मिलेगी। इस पर मंत्रालय ने कहा कि यह सही है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के लगातार बढ़ते दाम से सरकारी तेल कंपनियां खासी दबाव में हैं। इसके बावजूद महंगाई के इस दौर में सरकार आम उपभोक्ताओं पर कोई नया बोझ नहीं डालना चाहती है।
ग्लोबल बाजार में इन दिनों कच्चे तेल के दाम 126 डालर प्रति बैरल के आसपास चल रहे हैं। इससे तेल कंपनियों का आयात बिल बढ़ गया है और उन्हें चालू वित्त वर्ष 2008-09 के दौरान लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का नुकसान होने का अंदेशा है।