
मुंबई। अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहने से देश के शेयर बाजार मंगलवार को मंदी के दबाव में दिखे। ऑयल एंड गैस, सूचना प्रौद्योगिकी और दवा कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का रुख रहने से बंबई शेयर बाजार [बीएसई] का सेंसेक्स 176.34 अंक तथा नेशनल स्टाक एक्सचेंज [एनएसई] के निफ्टी में 41 अंक की गिरावट दर्ज की गई।
वामपंथी दलों ने केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन [संप्रग] सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की तो समाजवादी पार्टी ने सरकार को समर्थन देने की। वामपंथी दलों के समर्थन वापस लेने की घोषणा से पहले बाजार जो काफी दबाव में नजर आ रहा था इससे ऊपर उठने में कामयाब रहा। बाजार सूत्रों का कहना है कि इस घटनाक्रम का जो प्रभाव पड़ना था बाजार उसे पहले ही झेल चुका है।
सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को अमेरिका के शेयर बाजारों में गिरावट के बाद मंगलवार को एशियाई बाजारों के दबाव में रहने का असर साफ दिखा। सत्र की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स सोमवार के 13,525.99 अंक की तुलना में 13,292.80 अंक पर खुला और ऊपर में 13,451.67 तथा नीचे में 13,049.96 अंक तक लुढ़कने के बाद समाप्ति पर कुल 176.34 अंक अर्थात् 1.30 प्रतिशत नुकसान से 13,349.65 अंक पर बंद हुआ।
बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप में क्रमश: 23.82 तथा 30.39 अंक का नुकसान हुआ। अन्य वर्गो में आयल एंड गैस 138.78 अंक, कंज्यूमर डयूरेबल 72.12, एफएमसीजी 40.32, रियलटी 39.71 और आटो सूचकांक 10.58 अंक टूट गए। कैपिटल गुड्स सूचकांक 145.72 अंक, धातु 8.79 अंक और बैंकेक्स में 3.35 अंक की मामूली बढ़त दर्ज की गई। एनएसई का निफ्टी सत्र के दौरान कुल 133 अंक की उठापटक के बाद 41.45 अंक अर्थात् 1.03 प्रतिशत के नुकसान से 3988.55 अंक पर बंद हुआ।
निफ्टी मिडकैप 50 में 0.07 प्रतिशत तथा सीएनएक्स निफ्टी जूनियर में 0.17 प्रतिशत की बढ़त रही। एशियाई शेयर बाजारों में जापान का निक्केई ढाई प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसैंग 3.2 प्रतिशत नीचे आए। चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक 0.81 प्रतिशत ऊंचा रहा। यूरोप के शेयर बाजार भी बिकवाली के दबाव में दिखे। सत्र के दौरान बीएसई में कुल 2656 कंपनियों के शेयरों में कामकाज हुआ। इसमें से 1417 अर्थात 53.35 कंपनियों के शेयर गिरे जबकि 43.52 प्रतिशत अर्थात 1156 में लाभ दर्ज किया गया। मात्र 83 कंपनियों के शेयर घटबढ़ से बच सके।
सेंसेक्स की तीस कंपनियों में 10 के शेयर लाभ में तथा 20 नुकसान में रहे। सेंसेक्स से जुड़ी कंपनियों में सर्वाधिक नुकसान विप्रो लिमिटेड के शेयर में 4.61 प्रतिशत रहा। कंपनी का शेयर 20.30 रुपये गिरकर 419.70 रुपये रह गया। टाटा मोटर्स में 376.35 रुपये पर 4.13 प्रतिशत अर्थात 16.20 रुपये निकल गए। इंफोसिस टेकनोलोजीस, आईटीसी लिमिटेड, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, सत्यम कंप्यूटर, टीसीएस लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, भारती एयरटेल, रैनबैक्सी लैब, ओएनजीसी, आईसीआईसीआई बैंक, जयप्रकाश एसोसिएट्स, रिलायंस कम्यूनीकेशंस, मारुतिसुजूकी, सिप्ला लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक और टाटा स्टील सेंसेक्स के नुकसान वाले अन्य शेयर रहे।
लाभ वाली सूची में एसीसी लिमिटेड में सर्वाधिक 6.21 प्रतिशत अर्थात 30.80 रुपये की बढ़त रही। कंपनी का शेयर 527 रुपये पर पहुंच गया। महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड 3.92 प्रतिशत अर्थात् 19.45 रुपये बढ़कर 515.80 रुपये पर बंद हुआ। एनटीपीसी लिमिटेड, एसबीआई, भेल, हिंडाल्को, एलएंडटी, डीएलएफ, अंबूजा सीमेंट और हिंदुस्तान यूनीलीवर के शेयर सेंसेक्स से फायदे वाले अन्य शेयर रहे।