भूमि अधिग्रहण कानून में बदलाव जरूरी: बजाज

 
Sep 04, 04:04 pm

नयी दिल्ली। बजाज इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष राहुल बजाज ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार को सिंगुर जैसे विवादास्पद मुद्दों से निपटने के लिए भारत में पेचीदे भूमि अधिग्रहण कानून में परिवर्तन करना चाहिए।

बजाज ने 48वें सियाम वार्षिक सम्मेलन 2008 के मौके पर संवाददाताओं से कहा कि भारत का भूमि अधिग्रहण कानून ब्रितानी हुकूमत के दौरान बने कानूनों पर आधारित है और इसने औद्योगिकरण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान कई विवादों को जन्म दिया है चाहे मामला सिंगुर का हो या फिर उड़ीसा में पास्को के लिए हुआ भूमि अधिग्रहण सौदा हो। उन्होंने कहा कि इसलिए सरकार को भूमि अधिग्रहण कानून को अधिक समसामयिक बनाने के लिए पहल करनी चाहिए। सिंगुर विवाद के बारे में पूछने पर बजाज ने कहा कि मुझे लगता है कि नैनो कार की उत्पादन की समयसीमा अक्तूबर के पार नहीं जाएगी। टाटा समूह के पास पुणे अथवा उत्तराखंड के किसी स्थान पर अपने संयंत्र से कार बनाने का विकल्प उपलब्ध है।

बजाज ने कहा कि जब तक भारतीय रिजर्व बैंक मौजूदा सख्त मौद्रिक नीति में ढील नहीं देती कंपनी के दोपहिया वाहनों की बिक्री पहले के दो अंकों की वृद्घि दर को नहीं प्राप्त कर पाएगी। इस प्रमुख उद्योगपति ने कहा कि दोपहिया वाहन विनिर्माता आंतरिक और बाय्य तौर पर बाजार को बनाए रखने में सक्षम हैं लेकिन उन्हें सरकार के मदद की जरूरत है। बजाज ने कहा कि मुझे लगता की मुद्रास्फीति का आंकड़ा कम हो रहा है तथा यह मार्च 2009 तक पांच-छह प्रतिशत के निचले स्तर तक चला आएगा। और एक बार ऐसा होने पर इस बात में कोई संदेह नहीं कि भारतीय रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति में ढील देगा तथा हमें बाजार में तेजी देखने को मिलेगी।




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