समाचार

भारत वित्तीय संकट झेलने में सक्षम

Oct 11, 04:45 pm
  Print

नई दिल्ली। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भरोसा जताया है कि विश्व भर को अपनी गिरफ्त में लेने वाले वित्तीय संकट को भारत झेल सकने में सक्षम है तथा देश की अर्थिक बुनियाद और बैंकिंग प्रणाली मजबूत है।

उन्होंने स्वीकार किया कि बाजार में नकदी का संकट है और अर्थव्यवस्था वैश्विक तूफान के असर का सामना कर रही है, लेकिन साथ ही आश्वस्त भी किया कि आरबीआई जरूरत पड़ने पर और कदम उठाने के लिए तैयार है एवं और अधिक नकदी डालने के लिए तैयार है।

मौजूदा वैश्विक संकट का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने कहा कि विश्व में एक तूफान चल रहा है। हमने इस तूफान को जन्म नहीं दिया। हम इस तूफान का असल झेल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमें अपने आप को तैयार करना चाहिए और तूफान से बचना चाहिए। मुझे भरोसा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है और इतनी लचीली है कि तूफान झेल सकती है। चिदंबरम ने कहा कि सप्ताह के आखिरी दिनों में लोग इस पर विचार करेंगे, यह अच्छा मौका है। पहले वे जिनके पास पैसा है-सरकारी अधिकारियों के वेतन में बढ़ोतरी हुई है और कई को दीवाली बोनस मिला है।

उन्होंने कहा कि जिनके पास पैसा है उन्हें कुछ पैसा खर्च करना चाहिए और कुछ बचाकर रखना चाहिए। बैंक में बचत राशि रखना पूरी तरह से सुरक्षित है। हमारे बैंक का नियमन अच्छी तरह किया जा रहा है और यहां पूंजी की कमी नहीं है। अपने जोखिम उठा पाने की सीमा के आधार पर आप कुछ अन्य इंस्ट्रूमेंट में निवेश कर सकते हैं। जिनकी जोखिम उठाने की क्षमता कम है उन्हें बैंक में जमा करना चाहिए।

वित्तमंत्री की टिप्पणी बैंकिंग शेयरों के नेतृत्व में शेयर बाजारों में हुई गिरावट के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। इसके कारण आरबीआई ने नकद आरक्षी अनुपात [सीआरआर] में 100 आधार अंकों की कटौती की, ताकि 40000 करोड़ रुपये बाजार में डाले जा सकें। इसके अलावा सोमवार को सीआरआर में हुई 50 आधार अंकों की कटौती की घोषणा से भी 20000 करोड़ रुपये बाजार में आएंगे।

बैंकों में जमा के बारे में चिदंबरम ने कहा कि किसी जमाकर्ता को परेशान होने की जरूरत नहीं है। विभिन्न निवेशकों के जोखिम की रूपरेखा अलग-अलग है। लेकिन यदि आप निवेशक हैं तो आपको सोच-समझकर फैसला करना चाहिए।

चिदंबरम ने दोहराया कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। आप यदि मुझसे पूछें कि क्या अर्थव्यवस्था के बुनियादी तत्व उतने ही नाटकीय तरीके से बदले हैं जैसा कि शेयर बाजार में दिखता है तो जवाब होगा नहीं। चिदंबरम ने कहा कि दरअसल कुछ प्रवर्तक अभी शेयर खरीद रहे हैं। इसलिए किसी निवेशक को हड़बड़ी या आतंकित होकर फैसला लेने की जरूरत नहीं है। उन्हें सोचसमझ कर फैसला करना चाहिए।

  • निजता नीति
  • सेवा की शर्तें
  • आपके सुझाव
इस पृष्ठ की सामग्री जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है
कॉपीराइट © 2007 याहू वेब सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित
कॉपीराइट / IP नीति