जेट ने सभी बर्खास्त कर्मचारियों को वापस लिया

 
Oct 17, 02:58 am

मुंबई। जेट एयरवेज के 1900 कर्मचारियों की छंटनी की खबर जिस तरह अकस्मात आई थी, कुछ उसी तरह उनकी नौकरियां वापस मिलने की खबर भी अचानक ही आई। गुरुवार देर रात मुंबई में कंपनी के चेयरमैन और कार्यकारी निदेशक एक प्रेस कांफ्रेंस में आए। चेयरमैन ने बड़े भावुक अंदाज में अपने कर्मचारियों की नौकरियां लौटाने का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही 1900 नौजवानों की दीवाली काली होने से बच गई। सच कहें तो उनकी दीवाली 12 दिन पहले ही आ गई।

कर्मचारियों को निकालने के लिए हर ओर से दबाव झेल रहे और खरी-खोटी सुन रहे जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल ने तो यही कहा कि उन्होंने यह फैसला किसी दबाव में नहीं, बल्कि अंतरात्मा की आवाज पर लिया है। उन्होंने दिवंगत मां की कसम खाते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन ने घाटे से उबरने के लिए छंटनी का फैसला लिया था, जिसकी उन्हें जानकारी तक नहीं थी। वह अपने कर्मचारियों को परिवार का हिस्सा मानते हैं। इसीलिए नौकरी से निकालने के कड़े फैसले के बाद वह सो नहीं पाए। गोयल ने कहा, 'मेरे कर्मचारी मेरे परिवार के सदस्य हैं। मैं उनकी आंखों में आंसू नहीं देख सकता। यह फैसला किसी दबाव में नहीं, बल्कि परिवार के मुखिया के रूप में मेरा निजी फैसला है।' उन्होंने कहा कि कर्मचारियों पर जो बीती है, उसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूं। घाटे से बदहाल, देश की सबसे बड़ी निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज ने दो दिन पहले 800 कर्मचारियों की छुंट्टी कर दी थी। बुधवार को 1100 अन्य कर्मचारियों को भी नौकरी से निकालने के नोटिस थमा दिए गए थे। इस पर कर्मचारियों ने दिल्ली-मुंबई में जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया। नेताओं के भी खूब बयान आए। राज ठाकरे ने तो धमकी तक दे डाली थी कि अगर जेट ने कर्मचारी वापस नहीं लिए तो मुंबई से उसके विमानों को उड़ान ही नहीं भरने दिया जाएगा। इस धमकी के बारे में जब गोयल से पूछा गया तो उनका यही कहना था कि उन्होंने किसी से बात नहीं की है। गोयल बोले, 'कौन क्या कह रहा है, यह कोई मायने नहीं रखता। मैंने अपनी पत्‍‌नी तक से नहीं पूछा है।'

जेट एयरवेज में कर्मचारियों की छंटनी के बाद गुरुवार को सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइन एयर इंडिया ने भी अपने क्भ् हजार कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजने की मंशा जता दी थी। कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जी. रघुरामन ने कहा कि उनकी कंपनी 15 हजार कर्मचारियों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेजने पर विचार कर रही है। उन्होंने साफ किया कि 'लीव विदाउट पे' का विकल्प पूरी तरह स्वैच्छिक होगा। इसके तहत कोई भी कर्मचारी तीन से पांच साल तक की छुट्टी ले सकता है। वापस आने पर उसे उसी पद और वेतनमान पर पुन: रख लिया जाएगा।

इस बयान से ऐसा हाहाकार मचा कि उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल को छंटनी न होने का भरोसा दिलाना पड़ा। उन्होंने जेट एयरवेज में हुई छंटनी पर कंपनी के मुखिया नरेश गोयल से भी बात करने का आश्वासन दिया था। विमानन उद्योग को करों व शुल्कों में कुछ राहत देने को लेकर भी उन्होंने गंभीरता दिखाई थी।




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