नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। भारतीय कंपनियों को अपने देश में विशेष आर्थिक क्षेत्र [एसईजेड] स्थापित करने में भले ही दिक्कतें आ रही हों, लेकिन मिस्त्र ने भारतीय कंपनियों के लिए एसईजेड बनाने का आमंत्रण दिया है।
मिस्त्र ने कहा है कि अगर भारतीय कंपनियां उनके देश में निवेश करने के लिए आगे आएं तो इनके लिए विशेष तौर पर क्षेत्र स्थापित किए जा सकते हैं। मिस्त्र के राष्ट्रपति मोहम्मद होस्नी मुबारक एक बहुत बड़े व्यापारिक दल के साथ चार दिनों की यात्रा पर भारत आए हुए हैं। सोमवार को यहां भारत और मिस्त्र के उद्योगपतियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुबारक ने यह साफ कर दिया कि उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य आर्थिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने का है। भारतीय पक्ष ने भी मिस्त्र के इस प्रस्ताव का स्वागत किया है। भारत-मिस्त्र आर्थिक परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए वाणिज्य व उद्योग मंत्री कमलनाथ ने कहा कि हम मिस्त्र के इस प्रस्ताव का स्वागत करते हैं जिसमें भारतीय कंपनियों के लिए खास तौर पर विशेष क्षेत्र स्थापित करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां इस प्रस्ताव के जरिए यूरोप के विशाल बाजार में प्रवेश कर सकती हैं।
इसके अलावा अफ्रीका के बाजारों में जाने के लिए भी मिस्त्र एक बेहतरीन रास्ता साबित हो सकता है। कमलनाथ ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। खास तौर पर स्टील,कंस्ट्रक्शन,ट्रैक्टर्स व अन्य कृषि उपकरण,मशीनरी,टेक्सटाइल्स, बायो टेक्नोलोजी के क्षेत्र में कारोबार की असीम संभावनाएं हैं।
मालूम हो कि भारत और मिस्त्र के बीच वर्ष 2006-07 में 2.2 अरब डालर का कारोबार हुआ था। दोनों देशों ने वर्ष 2010 तक इसे बढ़ाकर 10 अरब डालर करने का लक्ष्य रखा है। मिस्त्र के राष्ट्रपति मुबारक लगभग 25 वर्षो बाद भारत की यात्रा पर आए हैं और इस दौरान आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।