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शेयर बाजारों की रौनक लौटी

Nov 21, 04:52 pm
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मुंबई। वैश्विक वित्त संकट और मंदी की चिंता में पिछले सात कारोबारी दिवस से निरंतर सूख रहे देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को ऊर्जा, आयल एंड गैस, कैपिटल गुड्स, आईटी और बैकिंग क्षेत्र के शेयरों को मिले जोरदार समर्थन से कुछ रौनक लौटी। बंबई शेयर बाजार [बीएसई] का सेंसेक्स 464 अंक तथा नेशनल स्टाक एक्सचेंज [एनएसई] के निफ्टी ने 140 अंक की छलांग लगाई। अमेरिका के शेयर बाजारों में कल की भारी गिरावट के बाद एशियाई बाजारों में भी आज सुबह गिरावट का रुख था। यहां भी बाजार शुरुआत में मामूली रूप से कमजोर खुले, किंतु जल्दी ही तेजी का रुख बन गया। दोपहर बाद के कारोबार में बाजार में काफी उठापटक देखने को मिली।

इस बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विषम वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद विश्वास जताया है कि देश फिर से आठ प्रतिशत से अधिक की आर्थिक रफ्तार को पकड़ लेगा और विश्व संकट के भंवर से निकल जाएगा। सेंसेक्स कल के तीन वर्ष के न्यूनतम स्तर 8451.01 अंक की तुलना में 8446.74 अंक पर मामूली ऊंचा खुला और पूरे सत्र के दौरान लगभग मजबूत ही दिखा। ऊचे में 8988.31 अंक और नीचे 8442.31 अंक तक गिरने के बाद समाप्ति पर कुल 464.20 अंक अर्थात 5.49 प्रतिशत की बढ़त से 8915.21 अंक पर बंद हुआ। बीएसई में तेजी की बयार में रियलटी को छोड़कर सभी वर्गो के सूचकांकों ने अच्छी छलांग लगाई। रियलटी सूचकांक दो प्रतिशत अर्थात 33.64 अंक के नुकसान से 1645.42 अंक पर रहा।

एनएसई का निफ्टी पहले के 2553.15 अंक की तुलना में 2553.60 अंक पर खुला और ऊंचे में 2718.60 तथा नीचे में 2539.80 अंक तक गिरने के बाद कुल 140.30 अंक अर्थात 5.50 प्रतिशत बढ़त से 2693.45 अंक पर बंद हुआ।

अमेरिका के शेयर बाजारों का कल बुरा हाल रहा। स्टैंडर्ड ऐंड पूअर्स 500 सूचकांक 54.14 अंक अर्थात 6.71 प्रतिशत के नुकसान से 11 वर्ष के न्यूनतम स्तर 752.44 अंक पर बंद हुआ। डाऊ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज सूचकांक में 7552.29 अंक पर 444.99 अंक अर्थात 5.56 प्रतिशत की गिरावट रही। नास्डैक सूचकांक 70.30 अंक अर्थात 5.07 प्रतिशत के नुकसान से 1316.12 अंक रह गया। एशियाई बाजार जो कामकाज की शुरुआत में मंदे की गिरफ्त में दिखे। बाद में सुधर गए। हांगकांग का हैंगसैंग सूचकांक 2.9 प्रतिशत और जापान का निक्कई 2.7 प्रतिशत ऊपर रहा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट 0.72 प्रतिशत नीचे आया। सेंसेक्स ने हालांकि लंबी छलांग लगाई, किंतु बीएसई में रुख नकारात्मक रहा। कुल 2564 कंपनियों के शेयरों में सौदे हुए और इसमें से आधे से अधिक 50.66 प्रतिशत अर्थात् 1299 में नुकसान रहा। नब्बे कंपनियों के शेयर स्थिर जबकि 45.83 प्रतिशत अर्थात 1175 में सुधार रहा। सेंसेक्स की तीस कंपनियों में 26 फायदे ओर चार नुकसान में रहीं। रियलटी क्षेत्र की चिंता से इस वर्ग की अग्रणी डीएलएफ के शेयर में आज 3.41 प्रतिशत का और नुकसान हुआ। कंपनी का शेयर सात रुपये गिरकर 200 रुपये से नीचे 198.20 रुपये पर बंद हुआ। कामकाज में यह 180 रुपये तक लुढ़का।

बीएसई के अन्य सूचकांकों में मिडकैप और स्मालकैप में क्रमश: 0.72 तथा 0.16 प्रतिशत की बढ़त रही। अन्य सूचकांकों में सर्वाधिक तेजी पावर सूचकांक में 6.21 प्रतिशत थी। आयल एंड गैस 5.69 प्रतिशत, कैपिटल गुड्स 5.59 प्रतिशत, आईटी 4.85 प्रतिशत और बैंकेक्स 4.56 प्रतिशत चढे़। एनएसई का मिडकैप 1.48 प्रतिशत और जूनियर आधा प्रतिशत ऊंचे बंद हुए। सेंसेक्स की फायदे वाली सूची में सर्वाधिक बढ़त रिलायंस इन्फ्रा में 14.07 प्रतिशत अर्थात 59.85 रुपये रही। कारोबार में ऊपर में 505 और नीचे 415.25 रुपये गिरने के बाद कंपनी का शेयर 485.20 रुपये पर बंद हुआ। आरकाम 207.10 रुपये पर 13.64 अर्थात 24.85 रुपये ऊंचा रहा। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में 9.10 प्रतिशत का इजाफा हुआ। यह 18.25 रुपये के लाभ से 218.75 रुपये पर बंद हुआ। बैंकिंग वर्ग को संभालने का जिम्मा एचडीएफसी बैंक को रहा। इसमें 1399.30 रुपये पर 8.49 प्रतिशत अर्थात 109.50 रुपये बढ़ गए। एसबीआई 1183.15 रुपये पर 8.29 प्रतिशत अर्थात 90.60 रुपये ऊंचा रहा।

एनटीपीसी लिमिटेड, मारुति सुजूकी, टीसीएस, भेल, एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ओएनजीसी, टाटा मोटर्स, इन्फोसिस टेकनोलोजीस, आईसीआईसीआईबैंक, विप्रो लिमिटेड, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और हिंडाल्को के शेयर सेंसेक्स के फायदे वाली पहली बीस कंपनियों के शेयर थे। इनमें चार से लेकर करीब नौ प्रतिशत की बढ़त रही। घाटे वाली सेंसेक्स की अन्य कंपनियों में जयप्रकाश एसोसिसट्स, एसीसी लिमिटेड और टाटा पावर के शेयर रहे।

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