नई दिल्ली। दूरसंचार मंत्रालय ने प्रत्येक सर्किल में 3जी स्पेक्ट्रम स्लाट की संख्या का मामला वित्त मंत्रालय को सुपुर्द कर दिया है।
सूत्रों ने कहा कि दूरसंचार मंत्री ए. राजा प्रत्येक सर्किल के लिए 3जी स्लाट की संख्या पर निर्णय करने से पहले वित्त मंत्रालय से सलाह-मशविरा करना चाहते हैं। वित्त मंत्रालय की ओर से जवाब जल्द ही आने की संभावना है।
देशभर में 3जी की नीलामी के लिए रिजर्व प्राइस 2020 करोड़ रुपये होगा। गौरतलब है कि सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल को चेन्नई और एमटीएनएल को दिल्ली पहले ही स्लाट आबंटित किया जा चुका है।
दिशानिर्देशों के मुताबिक प्रत्येक सर्किल में पांच आपरेटरों को 3जी स्पेक्ट्रम आबंटित किया जाएगा और बाद की तिथि में और पांच आपरेटरों को स्पेक्ट्रम आबंटित किए जाने की संभावना है।
वर्तमान में 60 मेगाहर्ट्ज 3जी स्पेक्ट्रम उपलब्ध है। दूरसंचार विभाग की ओर से संकेत मिले हैं कि प्रत्येक सर्किल में आपरेटरों की संख्या पांच तक सीमित की जा सकती है। चूंकि इन पांच आपरेटरों में बीएसएनएल और एमटीएनएल भी शामिल हैं इसलिए निजी क्षेत्र में केवल तीन कंपनियों के लिए गुंजाइश बचती है।
उधर, आपरेटरों ने आशंका जताई है कि स्लाट की संख्या कम होने से स्पेक्ट्रम के लिए बोली की राशि काफी उुंची जा सकती है। दूरसंचार नियामक ट्राई ने सुझाव दिया है कि प्रत्येक पांच मेगाहर्ट्ज के पांच 3जी लाइसेंसों को नीलामी के जरिए आबंटित किया जा सकता है।
वहीं प्रतिस्पर्धा सीमित होने से उपभोक्ताओं को सेवा की गुणवत्ता से समझौता करना पड़ सकता है जबकि बोली अधिक ऊपर जाने से 3जी सेवाओं के लिए ग्राहकों को अधिक शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है।