नई दिल्ली [संजय सिंह]। यात्रियों पर ममता की छांव और राजनीति की बिसात पर मजबूत दांव। रेल मंत्री के रूप में ममता की दूसरी पारी के पहले रेल बजट का बुनियादी आधार यही है। आम तबके के मुसाफिर और पश्चिम बंगाल के मतदाताओं की सुविधाओं में बढ़ोतरी को लेकर ममता की बेचैनी उनके बजट में साफ झलक रही है। यानी वे खुश रहें जिनका खुश रहना जरूरी है, बाकी सब कुछ बाद में देखा जाएगा। किराये-भाड़े में कोई बढ़ोतरी नहीं, मुसाफिरों की बुनियादी दिक्कतों का समाधान, नई ट्रेनें तथा बंगाल को कुछ कारखाने।
सबका खयाल
ममता ने गरीबों को सस्ते पास का अपना वादा पूरा किया है। उन्हें 25 रुपये में 'मंथली सीजन टिकट' [एमएसटी] मिलेंगे। संपन्न लोगों को नान स्टाप 'दूरांत' ट्रेनों का तोहफा दिया गया है। वर्ल्ड क्लास तथा आदर्श स्टेशनों की संख्या भी बढ़ा गई है। आरक्षण की दिक्कतें दूर करते हुए ममता ने जगह-जगह मोबाइल टिकट वेंडिंग वैन भेजने का ऐलान किया है। प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में एक आरक्षण केंद्र का वादा भी किया गया है, जिससे माननीय सांसद खुश होंगे।
मुसाफिरों को राहत
शुक्रवार को लोकसभा में ममता ने वर्ष 2009-10 के लिए जो बजट पेश किया, उससे सामान्य रेलयात्रियों को निश्चय ही राहत मिलेगी। उन्हें कम पैसे में 'जनता खाना' फिर से मिल सकेगा, जो फूड प्लाजा और पिज्जा-बर्गर के बीच कहीं गुम हो गया था। इसी तरह ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म होने की भी उम्मीद बंधी है। बोगियों में सफाई और साफ-सुथरे कंबल-चादर मिलने की भी आस बंधी है। ममता ने आनबोर्ड हाउसकीपिंग स्कीम लागू करने का वादा किया है। रास्ते में चोट या बुखार की स्थिति में यात्रियों को अब स्टेशन आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। डाक्टर साहब ट्रेन में ही मिल जाएंगे।
तत्काल स्कीम को लेकर बहुत शिकायतें थीं। ममता ने यह सेवा 50 रुपये सस्ती भी कर दी और इसके तहत टिकट बुकिंग की अवधि भी पांच दिन से घटा कर दो दिन कर दी।
महिलाओं का ध्यान
महिलाओं को अब रेलवे से उतनी शिकायत नहीं रहेगी। ममता ने उनके लिए स्टेशनों पर अलग शौचालय तथा डार्मिटरी की सुविधा का ऐलान किया है। लोकल ट्रेनों में टायलेट की व्यवस्था का भी वादा है। अब ट्रेनों में विशेष महिला रेल सुरक्षा दस्ते चला करेंगे। लालू प्रसाद ने जहां डबल डेकर कंटेनर ट्रेनें चलाई थीं, वहीं ममता ने इंटरसिटी ट्रेनों में डबल डेकर सवारी डिब्बों का प्रावधान किया है।
कर्मचारियों का कल्याण
कर्मचारियों के कल्याण की कई स्कीमें घोषित की गई हैं। साढ़े छह हजार से ज्यादा क्वार्टर तथा कई इनडोर स्टेडियम बनाने का ऐलान किया गया है। ग्रुप-डी कर्मचारियों की लड़कियों को शिक्षा में छात्रवृत्तिमिलेगी, जबकि रेलवे अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वालों के लिए डार्मिटरी का इंतजाम होगा।
राजनीतिक और व्यावसायिक पहलू
कम वक्त मिलने के बावजूद ममता ने रेलवे के व्यापारिक और आर्थिक पहलुओं को छूने की थोड़ी कोशिश की है। उन्होंने कंटेनर ट्रेनों में प्रीमियम सेवा पर विचार तथा तीन मार्गो पर तीव्रतर पार्सल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। अपने पिछले कार्यकाल में ममता ने रेलवे आप्टिक फाइबर परियोजना यानी ओएफसी लांच की थी। पर रेलवे को इससे खास फायदा नहीं हुआ। इसीलिए इस बार उन्होंने सैम पित्रोदा की अध्यक्षता में एक समिति बना दी है जो ओएफसी से कमाई के रास्ते तलाशेगी।
पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के गृह राज्य बिहार को ममता ने बस हल्के से छुआ भर है। फ्रेट कारीडोर परियोजना लालू की ड्रीम प्रोजेक्ट थी। ममता ने उसका नाम ही बदल दिया। अब इसे 'डायमंड रेल कारीडोर' नाम से जाना जाएगा। कांचरापारा-शालिशहर में ईएमयू/मेमू व मेट्रो कोच कारखाना तथा आद्रा में बिजली इंजन कारखाना लगाने का ममता का ऐलान उनकी राजनीतिक जरूरत के अलावा कुछ नहीं है।
उम्मीद के मुताबिक ममता ने पूर्वी, पूर्वोत्तार भारत के लिए ज्यादा ट्रेनें व लाइनें दी हैं। इनका कुछ हिस्सा दक्षिण के दोनों रेल राज्य मंत्रियों के खाते में गया है।
कश्मीर, पूर्वोत्तार व पूर्व में चल रही राष्ट्रीय महत्व की रेल परियोजनाओं को जल्दी पूरा करने के लिए एक निगरानी समिति भी बनाई गई है।
रेलवे का परिचालन अनुपात फिर से 92.2 पर आ गया है। लिहाजा रेलवे की असली हालत जांचने के लिए ममता ने श्वेत पत्र लाने का ऐलान कर दिया है। इससे पहले नीतीश कुमार ने ऐसा किया था। संरक्षा पर ममता का जोर एंटी कोलीजन डिवाइस के विस्तार तक ही सीमित है।
रेल बजट की महत्वपूर्ण घोषणाएं:-
- किराये-भाड़े में कोई घट-बढ़ नहीं
-साफ-सुथरे स्टेशनों व ट्रेनों का वादा, जनता खाना बहाल
- गरीबों को सस्ते पास, ट्रेनों में डाक्टर, लोकल ट्रेनों में टायलेट
- आरक्षण मोबाइल वैन, हर संसदीय क्षेत्र में आरक्षण केंद्र, दुरुस्त 'तत्काल' स्कीम का वादा
- प्रमुख शहरों के बीच चलेंगी नान स्टाप दूरांत ट्रेनें
- 140 प्रमुख स्टेशनों पर एकीकृत सुरक्षा योजना, महिला रेल सुरक्षा दस्ते
- वर्ल्डक्लास स्टेशनों की संख्या पचास, 375 आदर्श स्टेशन
- 57 नई रेलगाड़ियां, 27 ट्रेनों के फेरे बढ़े, 13के फेरों में वृद्धि
- डबल डेकर लोकल ट्रेनें, महिलाओं के लिए खास ईएमयू गाड़ियां
- लंबी दूरी की गाडि़यों में आनबोर्ड सूचना व मनोरंजन सेवाएं
- रेलवे पर आएगा श्वेत पत्र, पित्रोदा समिति बताएगी ओएफसी से मुनाफे के उपाय
- फ्रेट कारीडोर प्रोजेक्ट का नाम डायमंड रेल कारीडोर
- बंगाल में बनेंगे दो कारखाने- एक कोच और दूसरा बिजली इंजन बनाने का
रेल बजट में खास
नई दिल्ली। रेल मंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुक्रवार को लोकसभा में 2009-10 के लिए पेश रेल बजट की मुख्य बातें इस प्रकार हैं-
1- यात्री किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं।
2- माल भाड़ा अपरिवर्तित।
3-तत्काल आरक्षण योजना का न्यूनतम प्रभार 150 से घटाकर 100 रुपये।
4- 50 स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाने का प्रस्ताव।
5- 375 आदर्श स्टेशन।
6-140 संवेदनशील स्टेशनों के लिए एकीकृत सुरक्षा प्रणाली।
7- 57 नई ट्रेनें।
8- 27 रेलगाड़ियों का चालन क्षेत्र बढ़ाने का ऐलान।
9- 13 ट्रेनों के फेरों में बढ़ोतरी।
10- मुंबई की तरह दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता उपनगरीय ट्रेनों में महिला स्पेशल गाड़ियां।
11- कम किराए वाली युवा रेलें।
12- गंतव्य स्थान तक बिना रुके चलने वाली 12 दूरंतो रेलगाड़ियां।
13- गरीबों के लिए 100 किलोमीटर तक 25 रुपये का मासिक सीजन टिकट।
14- 53 नई रेल लाइनें बिछाने, तीन अमान परिवर्तन और दोहरीकरण के 12 प्रस्ताव।
15- रेलवे भर्ती नीति की समीक्षा। अल्पसंख्यकों, महिलाओं, अनुसूचित जाति जनजाति और विकलांगों का भर्ती में विशेष ख्याल।
16- मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए भी नि:शुल्क मासिक सीजन टिकट।
17- सैम पित्रोदा की अध्यक्षता में रेलवे के आप्टिक फाइबर केबल नेटवर्क विस्तार के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन।
18- रेलवे परियोजनाओं के विलंब से बचने की व्यवस्था बनाने के लिए निगरानी समिति।
19- रेलवे अस्पतालों में रेल कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए मेडिकल कालेज।
20-रेलवे की जमीनों पर सात नर्सिग कालेज।
21- पत्रकारों को विशेष रियायतें।
22- छात्रों को रियायती टिकट।
23. माल यातायात गलियारे को 'डायमंड रेल कारिडोर' का नया नाम।
24- कांचरापाड़ा में नई रेल कोच फैक्टरी।
25- आद्रा में 1000 मेगावाट क्षमता वाला बिजली संयंत्र।
26- समूह-डी के कर्मचारियों की बालिकाओं को उच्च शिक्षा में स्कालरशिप।
27- महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए महिला कमांडो और महिला आरपीएफ दस्ते।
28- इंटरसिटी यात्रा के लिए वातानुकूलित डबल डेकर सवारी डिब्बे।
29- मुश्किल-आसान नामक मोबाइल टिकट सेवा वैनों की शुरुआत।
30- 5000 डाकघरों से भी टिकट बुकिंग की सुविधा।
31- दो घंटे से अधिक यात्रा अवधि वाली ट्रेनों में शौचालय।
32- 200 स्टेशनों पर स्वचालित टिकट वेंडिंग सुविधा।
33- लंबी दूरी की इंटरसिटी गाड़ियों में आन बोर्ड सूचना एवं मनोरंजन सेवाएं।
34- लंबी दूरी की गाड़ियों में डाक्टर की उपलब्धता।
35- तीर्थस्थानों, पर्यटन स्थलों और औद्योगिक केंद्रों में स्थित 50 रेलवे स्टेशनों पर बहु उद्देश्यीय परिसरों का निर्माण।