मुंबई। अंबानी बंधु के बीच केजी बेसिन गैस विवाद में बंबई हाईकोर्ट में बाजी मार चुके अनिल ने ही अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनकी कंपनी रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज [आरएनआरएल] ने हाईकोर्ट के आदेश में बदलाव की मांग करते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। आरएनआरएल चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट ऐसा आदेश दे कि मुकेश की रिलायंस इंडस्ट्रीज [आरआईएल] उसके लिए गैस की आपूर्ति करने को बाध्य हो। आरआईएल ने दो दिन पूर्व कहा था कि कंपनी हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।
15 जून को हाईकोर्ट ने आरआईएल को 17 वर्षो तक आरएनआरएल को 2.34 डालर प्रति एमबीटीयू की दर पर रोजाना 2.8 करोड़ घनमीटर गैस की आपूर्ति करने का आदेश दिया। अदालत ने इसके लिए दोनों कंपनियों को मिल-बैठकर नए सिरे से एक माह के भीतर समझौता करने का भी निर्देश दिया। दोनों भाइयों के बीच यह करार धीरूभाई अंबानी द्वारा स्थापित रिलायंस समूह के बंटवारे को लेकर हुआ था। इसी के आधार पर हाईकोर्ट ने आरआईएल को गैस की आपूर्ति करने का आदेश दिया था।
आरएनआरएल ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ कई बार बातचीत की पेशकश की, जिसे आरआईएल ने ठुकरा दिया। मुकेश की कंपनी का कहना था कि वह सरकार की मंजूरी के बिना गैस आपूर्ति संबंधी किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगी। सरकार ने इस गैस का मूल्य 4.20 डालर प्रति एमएमबीटीयू तय कर रखा है। इस बारे में आरएनआरएल के वकील मुकुल रस्तोगी ने कहा कि फैसला कंपनी के पक्ष में आने के बाद अदालत उस पक्ष के साथ बैठकर समझौता करने के लिए नहीं कह सकती, जो इसके लिए तैयार ही नहीं है।